मां महागौरी - नवरात्रि के आठवें दिन इस देवी को प्रसन्न करने से बच सकती है आपकी शादी

देवी महागौर्य नमः।।
महा अष्टमी के दिन दुर्गा मां के आठवें स्वरूप यानी की मां महागौरी की पूजा की जाती है। मां ज्ञान, शांति, और पवित्रता का प्रतीक है। अगर आप भी अपने दाम्पत्य जीवन में कुछ बुरे वक्त से गुजर रहे है तो इस दिन पूरे मन से मां की पूजा करने से तलाक की बात निश्चित रूप से टल सकती है। जानिए कैसे करें मां की पूजा :

By: RevivingCultures
Published on: 25 March 2026 at 7:39 pm / Updated on: 24 May 2026 at 11:09 pm
मां महागौरी - नवरात्रि के आठवें दिन इस देवी को प्रसन्न करने से बच सकती है आपकी शादी

नवरात्रि में अष्टमी के दिन विशेष लाभ के लिए कौन से रंग के कपड़े पहने?

नवरात्रि की अष्टमी में शांति का रंग यानी कि सफेद, हल्का गुलाबी, और पीले कपड़े पहनकर मां गौरी की पूजा करनी चाहिए। इससे मां जल्दी खुश होती है। 

मां महागौरी का स्वरूप कैसा है? 

  • मां महागौरी का स्वरूप चांद की चांदनी की तरह सफेद है। 
  • मां का वाहन बैल है। 
  • मां की पूजा करने से किसी भी तरह के पाप कष्ट और खासकर वैवाहिक बाधाएं दूर हो सकती है। 
  • मां केवल सफेद रंग के वस्त्र ही पहनती हैं। इसी कारण उन्हें श्वेतांबरधरा कहा जाता है। 
  • मां की चार भुजाएं हैं। जिसके दाहिने हाथ में त्रिशूल और नीचे के हाथ में अभय मुद्रा है।  बाएं तरफ के ऊपर हाथ में डमरू और नीचे का हाथ वरद मुद्रा में है। 

महागौरी और किस-किस नाम से जानी जाती है?

मां महागौरी को लोग श्वेतांबरधरा के नाम से भी जानते हैं। 

क्या माता महागौरी मां पार्वती का रूप है?

मां महागौरी निश्चित रूप से मां पार्वती का ही रूप है। 

मां का नाम महागौरी क्यों पड़ा?

मां पार्वती ने महादेव को पति के रूप में पानी के लिए अखंड तपस्या की जिसमें उन्होंने मौसम की आ रही बाधाओं को अनदेखा कर महादेव के नाम का जाप करती रहे। इससे उनका रंग काला पड़ गया। बाद में जब महादेव उनकी तपस्या से प्रसन्न हुए और उन्हें दर्शन दिए तो उन्होंने उन्हें गंगाजल से नहलाया जिससे उनका शरीर चमकीला और श्वेत हो गया। इसी कारण वह महागौरी के नाम से जानी गई। 

नवरात्रि की अष्टमी की मुख्य बातें:

  • मां को सफेद और लाल फूल अत्यंत पसंद है इसीलिए इस दिन मां को इस रंग के फूल चढ़ाएं। मोगरा, सफेद कमल जैसे फूल मां को बहुत पसंद है। 
  • माता को प्रसाद में पूरी, काला चना, नारियल, और हलवा का भोग लगाए। 
  • इस दिन कन्या पूजन का विशेष उल्लेख है। 9 कुंवारी कन्याओं को इस दिन भोजन करा कर उपहार देने से मां प्रसन्न होती हैं। उनके पैर भोजन करने के पहले धोने चाहिए और उनसे आशीर्वाद लेना चाहिए। 
  • इस दिन के लिए शुभ रंग हल्का पीला, गुलाबी, और सफेद माना जाता है। 
  • इस दिन मां को नारियल चढ़ाने से मनचाही इच्छा पूर्ण होती है। 

मां महागौरी की कथा

  • पुराणों में आए उल्लेख के अनुसार मां पार्वती ने महादेव को अपने पति के रूप में पानी के लिए कठिन तपस्या की। 
  • मौसम की परवाह करें बगैर धूप, आंधी, और वर्षा में मां निरंतर तपस्या करती रही। 
  • मौसम के थपेड़ों के कारण उनका शरीर काला पड़ गया। 
  • उनके इस कठिन तपस्या को देखकर महादेव प्रसन्न हुए। 
  • उन्होंने मां के शरीर को गंगाजल से धोया जिसके स्पर्श से मां का शरीर रोशनी के समान चमकीला और सफेद हो गया। इसी कारण मां महागौरी कहलाई। 

श्वेते वृषेसमारूढ़ा श्वेतांबरधारा शुचि: 
महागौरी 
शुभं दद्यान्महादेव प्रमोददा।।

कन्या पूजन अष्टमी को करवाना चाहिए या नवमी को? 

जिन घरों में पाठ 8 दिन का रखा जाता है वहां कन्या भोजन अष्टमी को करवाया जाता है और जहां पर यह पाठ 9 दिन के लिए रखा जाता है वहां कन्या को भोजन नौवे दिन कराया जाता है, यानी कि रामनवमी के दिन। जिन घरों में पाठ 8 दिन तक होते हैं उन्हें नौवे दिन दुर्गा जी की आरती जरूर करनी चाहिए। 

मां महागौरी का मुख्य मंदिर कहां है?

मां महागौरी के मुख्य मंदिर में मां के दर्शन करने के लिए आपको वाराणसी के अन्नपूर्णा मंदिर परिसर में जाना होगा। यह विश्वनाथ काली लाहोरी टोला में स्थित है। इस मंदिर में आपको मां पार्वती के दर्शन महागौरी के रूप में होंगे। खास कर नवरात्रि के आठवें दिन यहां बहुत भीड़ होती है। 

मां महागौरी अपने सभी भक्तों पर कृपा बनाए रखें और सबका कल्याण करें। 

नवरात्रि के नौ दिन और नवदुर्गा का महत्व

नवरात्रि दिन क्रम देवी का स्वरूप
प्रथम मां शैलपुत्री
द्वितीय मां ब्रह्मचारिणी
तृतीय मां चंद्रघंटा
चतुर्थ मां कूष्मांडा
पंचम मां स्कंदमाता
षष्ठ मां कात्यायनी
सप्तम मां कालरात्रि
अष्टम मां महागौरी
नवम मां सिद्धिदात्री / राम नवमी