Navratri

मिश्री से भी मीठा नाम तेरा - Mishri Se Bhi Meetha Naam Tera
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मिश्री से भी मीठा नाम तेरा - Mishri Se Bhi Meetha Naam Tera

परिचय  “मिश्री से भी मीठा नाम तेरा” एक मधुर और लोकप्रिय माता भजन है, जिसमें भक्त माता दुर्गा माता की महिमा और उनके नाम की मधुरता का गुणगान करता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि और जगराते में गाया जाता है। भावार्थ  इस भजन में भक्त माता के नाम को मिश्री से भी अधिक मधुर बताते हुए उनकी कृपा की याचना करता है। भक्त माता से प्रार्थना करता है कि वह उसकी अर्जी स्वीकार करें और उस पर अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखें।
मां वेदों ने जो तेरी महिमा कही है - Maa Vedo Ne Jo Teri Mahima Kahi Hai
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मां वेदों ने जो तेरी महिमा कही है - Maa Vedo Ne Jo Teri Mahima Kahi Hai

परिचय यह भजन माँ दुर्गा माता की महिमा का गुणगान करता है। इसमें वेदों में वर्णित माँ की महानता, उनकी करुणा और सृष्टि की रचना में उनकी भूमिका का वर्णन किया गया है। भावार्थ इस भजन में बताया गया है कि माँ ही सम्पूर्ण सृष्टि की रचयिता हैं और विभिन्न नामों से पूजी जाती हैं। भक्त माँ से प्रार्थना करता है कि उसे भक्ति, ज्ञान और कृपा का आशीर्वाद मिले। माँ की ममता और दया ही जीवन का सबसे बड़ा सहारा है।
तेरे दर पे सर झुकाया - Tere Dar Pe Sar Jhukaya
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तेरे दर पे सर झुकाया - Tere Dar Pe Sar Jhukaya

परिचय  “तेरे दर पे सर झुकाया” एक भावपूर्ण माता भजन है, जिसमें भक्त माता दुर्गा माता के चरणों में अपनी श्रद्धा और समर्पण व्यक्त करता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि और जगराते में गाया जाता है। भावार्थ  इस भजन में भक्त अपने दुःखों और परेशानियों को माता के सामने रखता है और उनसे सहारा मांगता है। वह कहता है कि जीवन में सच्चा सहारा केवल माता का नाम है और उनकी शरण में रहकर ही जीवन सफल हो सकता है।
माई नी माई - Maai Ni Maai
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माई नी माई - Maai Ni Maai

परिचय यह भजन माँ दुर्गा माता के प्रति गहरी श्रद्धा और प्रेम को दर्शाता है, जिसमें भक्त माँ से केवल उनका स्नेह और कृपा मांगता है। भावार्थ इस भजन में भक्त दुनिया के झूठे रिश्तों और अस्थायी सुखों से निराश होकर माँ की शरण में आता है। वह कहता है कि उसे किसी भौतिक वस्तु की चाह नहीं, केवल माँ का प्रेम और आशीर्वाद चाहिए। माँ की कृपा से ही उसका जीवन सफल और सुखमय हो सकता है।
धरती गगन में होती है - Dharti Gagan Mein Hoti Hai
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धरती गगन में होती है - Dharti Gagan Mein Hoti Hai

परिचय  “धरती गगन में होती है तेरी जय जैकार” एक अत्यंत लोकप्रिय माता भजन है, जो माता दुर्गा माता की महिमा और उनकी सर्वव्यापक शक्ति का गुणगान करता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि, जगराते और मंदिरों में गाया जाता है। भावार्थ  इस भजन में बताया गया है कि माता की महिमा धरती से लेकर आकाश तक फैली हुई है। सृष्टि के सभी देवता, ग्रह-नक्षत्र और जीव माता की शक्ति से ही संचालित होते हैं। भक्त माता से प्रार्थना करता है कि वह उसके जीवन में कृपा और प्रेम बरसाए, ताकि वह संसार रूपी सागर से पार हो सके।
वो है जग से बेमिसाल - Wo Hai Jag Se Bemisaal
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वो है जग से बेमिसाल - Wo Hai Jag Se Bemisaal

परिचय यह भजन माँ दुर्गा माता की महिमा का गुणगान करता है। इसमें बताया गया है कि माँ शेरावाली के दरबार में कोई भी खाली हाथ नहीं लौटता और सच्ची भक्ति से हर इच्छा पूरी होती है। भावार्थ भजन में भक्त माँ से प्रार्थना करता है कि वह उसके जीवन की सभी समस्याओं को दूर करें। माँ की कृपा से निर्धन भी धनवान बन सकता है और हर दुख दूर हो जाता है। यह भजन पूर्ण विश्वास और समर्पण की भावना को दर्शाता है।
मां मुरादे पूरी कर दे - Maa Murade Puri Kar De
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मां मुरादे पूरी कर दे - Maa Murade Puri Kar De

परिचय  “माँ मुरादे पूरी करदे हलवा बाटूंगी” एक भावपूर्ण भक्ति भजन है, जिसमें भक्त माता दुर्गा माता से अपनी मनोकामनाएँ पूरी करने की प्रार्थना करता है। यह भजन विशेष रूप से जगराते, कीर्तन और नवरात्रि के दौरान गाया जाता है। भावार्थ  इस भजन में भक्त माता से कहता है कि यदि उसकी मुराद पूरी हो जाए, तो वह पूरे श्रद्धा भाव से भोग, जगराता और सेवा करेगा। यह भजन सच्ची श्रद्धा, विश्वास और माता के प्रति समर्पण को दर्शाता है, जहाँ भक्त पूरी आस्था के साथ माँ के दरबार में अपनी प्रार्थना रखता है।
लेके पूजा की - Leke Pooja Ki Thali
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लेके पूजा की - Leke Pooja Ki Thali

परिचय  “ले के पूजा की थाली, ज्योत मन की जगाली” एक अत्यंत भावपूर्ण आरती-भजन है, जिसमें भक्त माता दुर्गा माता के चरणों में अपनी भक्ति और समर्पण अर्पित करता है। यह भजन विशेष रूप से आरती के समय, जगराते और नवरात्रि के दौरान गाया जाता है। भावार्थ  इस भजन में भक्त माता से प्रार्थना करता है कि वह उसे जीवन में सहारा और सुख प्रदान करें। भक्त यह भी कहता है कि माता की कृपा से उसका जीवन सफल हो गया है और वह अपना संपूर्ण जीवन माता की सेवा और भक्ति में समर्पित करना चाहता है।
आये तेरे भवन - Aaye Tere Bhawan
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आये तेरे भवन - Aaye Tere Bhawan

परिचय  “आये तेरे भवन, देदे अपनी शरण” एक अत्यंत प्रसिद्ध और भावपूर्ण माता भजन है, जिसमें भक्त माता दुर्गा माता के चरणों में शरण मांगता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि, जगराते और भक्ति समारोहों में गाया जाता है। भावार्थ  इस भजन में भक्त माता से प्रार्थना करता है कि वह उसे अपनी शरण में स्थान दें और उसकी भक्ति की ज्योति हमेशा जलती रहे। भजन में प्रकृति और सृष्टि के माध्यम से माता की महिमा का वर्णन किया गया है, जहाँ हर तत्व माता की आराधना में लीन दिखाई देता है।
जग दाती पहाड़ों वाली मां - Jagdaati Pahadonwali Maa
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जग दाती पहाड़ों वाली मां - Jagdaati Pahadonwali Maa

परिचय  “जग दाती पहाड़ों वाली मां” एक अत्यंत भावुक भजन है, जिसमें भक्त माता दुर्गा माता से अपने दुखों को दूर करने और जीवन की बिगड़ी परिस्थितियों को सुधारने की प्रार्थना करता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि और जगराते में गाया जाता है। भावार्थ  इस भजन में भक्त अपनी कमजोरी, गरीबी और दुखों को व्यक्त करते हुए माता से सहायता की गुहार लगाता है। वह मानता है कि माता ही उसकी नैया को पार लगा सकती हैं और उसकी लाज बचा सकती हैं, इसलिए वह पूरे विश्वास के साथ माता को पुकारता है।
मन की मुरादें पूरी कर माँ - Man Ki Muraden Poori Kar Maa
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मन की मुरादें पूरी कर माँ - Man Ki Muraden Poori Kar Maa

परिचय  “मन की मुरादें पूरी कर माँ” एक अत्यंत श्रद्धामय भजन है, जिसमें भक्त माता दुर्गा माता के चरणों में अपनी प्रार्थना और विश्वास व्यक्त करता है। इस भजन में भक्त माता से अपनी इच्छाओं की पूर्ति, जीवन के कष्टों से मुक्ति और कृपा की याचना करता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि, जगराते और माता के दरबार में गाया जाता है। भावार्थ  इस भजन का मुख्य भाव है पूर्ण समर्पण और विश्वास। भक्त कहता है कि वह माता के दर्शन के लिए अवश्य आएगा और अपनी भक्ति के रूप में भोग, सेवा और श्रद्धा अर्पित करेगा। यह भजन दर्शाता है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना कभी व्यर्थ नहीं जाती और माता अपने भक्तों की हर मुराद पूरी करती हैं।
श्री दुर्गा अमृतवाणी - Shree Durga Amritwani
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श्री दुर्गा अमृतवाणी - Shree Durga Amritwani

परिचय  “श्री दुर्गा अमृतवाणी” एक अत्यंत पवित्र और प्रभावशाली स्तुति है, जो माता दुर्गा माता की महिमा, शक्ति और करुणा का विस्तृत वर्णन करती है। यह अमृतवाणी विभिन्न रूपों में देवी की स्तुति करते हुए उनके अनंत स्वरूप, कृपा और भक्तों के प्रति प्रेम को दर्शाती है। इसे विशेष रूप से नवरात्रि, दुर्गा पूजा, जागरण और दैनिक पाठ में श्रद्धा के साथ गाया या पढ़ा जाता है। भावार्थ  श्री दुर्गा अमृतवाणी का मुख्य भाव यह है कि माता ही इस सृष्टि की मूल शक्ति हैं और वही हर जीव का पालन, संरक्षण और उद्धार करती हैं। इसमें बताया गया है कि जो भी भक्त सच्चे मन से माता का स्मरण करता है, उसके सभी दुःख दूर होते हैं और जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। यह अमृतवाणी यह भी सिखाती है कि जीवन में सच्ची श्रद्धा, विश्वास और भक्ति से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं।
प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी - Pyara Saja Hai Tera Dwar Bhawani
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प्यारा सजा है तेरा द्वार भवानी - Pyara Saja Hai Tera Dwar Bhawani

परिचय  “बड़ा प्यारा सजा है द्वार भवानी” एक मधुर और श्रद्धा से भरा भजन है, जो माता दुर्गा माता के दरबार की महिमा का वर्णन करता है। इस भजन में भक्त माता के सजे हुए द्वार, उनकी कृपा और दया का गुणगान करते हैं। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि और जागरण में गाया जाता है। भावार्थ  इस भजन में बताया गया है कि माता का दरबार सबसे निराला और कृपा से भरा है। भक्तों की लंबी कतारें इस बात का प्रमाण हैं कि जो भी सच्चे मन से माता के द्वार आता है, उसकी झोली भर जाती है। यह भजन सिखाता है कि ईश्वर के सामने सच्ची नीयत और श्रद्धा ही सबसे महत्वपूर्ण है।
 माई - Maai
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माई - Maai

परिचय  “हो माई री” एक अत्यंत भावपूर्ण और हृदयस्पर्शी भजन है, जो माता दुर्गा माता की असीम ममता और करुणा का गुणगान करता है। इस भजन में एक भक्त अपने आप को मां का बालक मानकर उनके प्रति पूर्ण समर्पण और प्रेम व्यक्त करता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि और जागरण में गाया जाता है। भावार्थ  इस भजन का मूल भाव मां और भक्त के अटूट संबंध को दर्शाना है। भक्त कहता है कि मां ने उसे बिना मांगे सब कुछ दिया, जीवन जीने की राह दिखाई और हर कठिनाई में उसका साथ दिया। यह भजन हमें यह सिखाता है कि मां की ममता सबसे बड़ी शक्ति है और जो उनके चरणों में समर्पित हो जाता है, उसका जीवन धन्य हो जाता है।
सोहणा दरबार - Sohna Darbaar
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सोहणा दरबार - Sohna Darbaar

परिचय  “सोहणा सजा है तेरा द्वारा” एक अत्यंत लोकप्रिय और भक्तिमय भजन है, जो माता दुर्गा माता के “शेरांवाली” स्वरूप की महिमा का वर्णन करता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि, जागरण और माता के दरबार में गाया जाता है, जहाँ भक्त माता के सजे हुए दरबार और उनकी कृपा का गुणगान करते हैं। भावार्थ  इस भजन में भक्त अपने दुख, पीड़ा और जीवन की कठिनाइयों को माता के चरणों में अर्पित करता है। वह मानता है कि संसार स्वार्थी है, परंतु मां ही एकमात्र ऐसी शक्ति हैं जो सच्चे मन से पुकारने पर हर किसी की सहायता करती हैं। भजन का मुख्य संदेश है कि माता के दरबार में आने वाला कोई भी भक्त खाली हाथ नहीं लौटता।
आई है नवरात्रि - Aayi Hai Navratri
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आई है नवरात्रि - Aayi Hai Navratri

परिचय  “हे जी मेरी मां की नवरात्रि आई” एक उत्साहपूर्ण और भक्तिमय भजन है, जो नवरात्रि के पावन अवसर पर माता दुर्गा माता की आराधना में गाया जाता है। इस भजन में गरबा, आरती और उत्सव का अद्भुत संगम देखने को मिलता है, जहाँ भक्त नृत्य और संगीत के माध्यम से मां की भक्ति में लीन हो जाते हैं। भावार्थ  यह भजन दर्शाता है कि नवरात्रि के दिनों में मां के विभिन्न रूपों की पूजा कर भक्त उनके आशीर्वाद की कामना करते हैं। भक्त अपनी पीड़ा, कष्ट और मनोकामनाओं को मां के चरणों में समर्पित करता है और उनसे जीवन को संवारने की प्रार्थना करता है। भजन में उल्लास, श्रद्धा और पूर्ण समर्पण का भाव स्पष्ट रूप से झलकता है।
श्री भवानी अष्टकम् - Shree Bhavani Ashtakam
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श्री भवानी अष्टकम् - Shree Bhavani Ashtakam

परिचय भवानी अष्टकम् की रचना आदि शंकराचार्य ने की है। यह अष्टकम् माँ भवानी / आदिशक्ति के प्रति पूर्ण शरणागति का भाव प्रकट करता है। साधक स्वीकार करता है कि संसार में कोई भी स्थायी सहारा नहीं है — एकमात्र आश्रय माँ भवानी ही हैं। भावार्थ यह अष्टकम् बताता है कि जब सभी संबंध, ज्ञान, कर्म और साधन असहाय प्रतीत हों, तब भी माँ भवानी जीव की एकमात्र गति हैं। वह हर संकट, भय, पाप और दुःख से रक्षा करने वाली करुणामयी शक्ति हैं। अर्थ (संक्षिप्त व्याख्या) गतिस्त्वं – मेरी एकमात्र शरण भवाब्धि – संसार रूपी सागर कुसंसार पाश – मोह और बंधन शरण्ये – शरण देने वाली आदिशक्ति – समस्त शक्तियों की मूल
सारे जग में हुकुम चले - Sare Jag Me Hukum Chale
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सारे जग में हुकुम चले - Sare Jag Me Hukum Chale

परिचय “सारे जग में हुकुम चले” एक लोकप्रिय देवी भक्ति भजन है, जो माता रानी की महिमा और उनके सर्वशक्तिमान स्वरूप का गुणगान करता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि, माता की चौकी और जागरण में गाया जाता है। इसमें माँ वैष्णो, अम्बे, दुर्गा और काली के रूपों का स्मरण करते हुए उनकी सार्वभौमिक शक्ति का वर्णन किया गया है। भावार्थ इस भजन में बताया गया है कि पूरे संसार में माता रानी का ही शासन चलता है। प्रकृति के हर कण में, गाँव की हर गली में और भक्तों के हर हृदय में माँ का वास है। लोग उन्हें अलग-अलग नामों से पुकारते हैं, लेकिन शक्ति एक ही है। माँ अपने भक्तों के दुख और कष्ट सहन नहीं कर पातीं। जब भी कोई संकट आता है, माता अपने भक्तों की रक्षा करती हैं और दुष्टों का नाश करती हैं। यह भजन माँ के प्रति अटूट श्रद्धा, विश्वास और समर्पण का भाव प्रकट करता है।
ये चोला मां तेरा चोला - Ye Chola Maa Tera Chola
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ये चोला मां तेरा चोला - Ye Chola Maa Tera Chola

परिचय “ये चोला मां तेरा चोला” एक लोकप्रिय देवी भक्ति भजन है, जो माँ दुर्गा, माँ वैष्णो देवी और माँ भवानी के दिव्य स्वरूप का गुणगान करता है। इस भजन में भक्त माँ की ज्योति, कृपा, दरबार और भंडारे की महिमा का वर्णन करता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि, जागरण और माता के भंडारे में गाया जाता है। भजन का भावार्थ इस भजन में भक्त माँ के तेज की तुलना सोने-चांदी और आकाश के चमकते तारों से करता है। वह कहता है कि संसार में कोई भी ऐसा नहीं चमक सकता जैसा माँ का लशकारा (तेज) चमकता है। “ऊंचे ऊंचे पर्वतों तले, ओ माई तेरी ज्योत जले” पंक्ति से संकेत मिलता है कि माँ की ज्योति हर स्थान पर प्रज्वलित है, विशेषकर पर्वतीय धामों में, जहाँ भक्त श्रद्धा से दर्शन करने जाते हैं। भक्त स्वयं को टूटा हुआ सितारा और बेसहारा बताता है, और स्वीकार करता है कि उसके जीवन का सहारा केवल माँ ही हैं। वह कहता है कि सच्ची अमीरी धन में नहीं, बल्कि माँ की कृपा में है। भजन में यह भी व्यक्त किया गया है कि संसार के सभी तीर्थ पुण्य देने वाले हैं, परन्तु माँ का दरबार सबसे पावन है। माँ को “मेहरा वाली” कहा गया है, अर्थात वह जो दया और कृपा की वर्षा करती हैं। आध्यात्मिक संदेश सच्ची संपत्ति माँ की कृपा है। माँ का दरबार सबके लिए खुला है। जो भी श्रद्धा से आता है, खाली नहीं लौटता। निराश और दुखी व्यक्ति को माँ आश्रय देती हैं। पाठ का फल इस भजन को श्रद्धा से गाने या सुनने से मन में भक्ति और विश्वास बढ़ता है। जीवन के कष्टों में मानसिक शक्ति मिलती है। नकारात्मकता दूर होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है। माँ की कृपा से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।
आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा - Aa Maa Aa Tujhe Dil Ne Pukara
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आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा - Aa Maa Aa Tujhe Dil Ne Pukara

परिचय “आ माँ आ तुझे दिल ने पुकारा” एक अत्यंत लोकप्रिय देवी भजन है, जो माता रानी के प्रति गहरी श्रद्धा और भावपूर्ण पुकार को दर्शाता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि, माता की चौकी और जागरण में गाया जाता है। भावार्थ इस भजन में भक्त पूरे मन से माता को पुकारता है और उन्हें अपना एकमात्र सहारा मानता है। वह प्रार्थना करता है कि माँ उसे दर्शन दें और उसके जीवन के भाग्य को जगा दें। भक्त स्वीकार करता है कि उसके जीवन की हर खुशी और उजाला माँ की कृपा से है। वह अपने तन-मन को माँ के चरणों में समर्पित करता है और एक झलक पाने की विनती करता है। यह भजन पूर्ण समर्पण, विश्वास और भक्ति का सुंदर उदाहरण है।