
Grishneshwar Jyotirlinga Temple Verul
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के बारे में About Grishneshwar Jyotirlinga Temple
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग महाराष्ट्र के संभाजीनगर (पूर्व नाम औरंगाबाद) जिले के वेरुल गांव में स्थित भगवान शिव का एक अत्यंत पवित्र धाम है। यह 12 ज्योतिर्लिंगों में अंतिम ज्योतिर्लिंग माना जाता है और एलोरा की विश्व प्रसिद्ध गुफाओं के पास स्थित होने के कारण धार्मिक तथा ऐतिहासिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
शिव पुराण के अनुसार यह ज्योतिर्लिंग भगवान शिव की महान भक्त घुश्मा की अखंड भक्ति से जुड़ा हुआ है। कहा जाता है कि घुश्मा प्रतिदिन शिवलिंग बनाकर उनकी पूजा करती थीं और उन्हें सरोवर में विसर्जित करती थीं। उनकी अटूट श्रद्धा से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उनके पुत्र को पुनर्जीवित किया और उसी स्थान पर ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए। तभी से यह स्थान घृष्णेश्वर या घुश्मेश्वर ज्योतिर्लिंग के नाम से प्रसिद्ध हो गया।
इतिहास के अनुसार इस मंदिर का जीर्णोद्धार 16वीं शताब्दी में छत्रपति शिवाजी महाराज के दादा मालोजी भोसले ने करवाया था। बाद में मराठा साम्राज्य की प्रसिद्ध महारानी अहिल्याबाई होलकर ने 18वीं शताब्दी में मंदिर का पुनर्निर्माण कर इसे वर्तमान स्वरूप प्रदान किया।
सुंदर नक्काशी और प्राचीन स्थापत्य कला से सुसज्जित यह मंदिर आज भी भक्तों की गहरी आस्था का केंद्र है। महाशिवरात्रि और श्रावण मास में यहां हजारों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और अभिषेक के लिए आते हैं।
बारहवां ज्योतिर्लिंग
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग 12 ज्योतिर्लिंगों में अंतिम माना जाता है और यह महाराष्ट्र के संभाजीनगर जिले के वेरुल गांव में स्थित है।
घुश्मा की भक्ति
पुराणों के अनुसार शिवभक्त घुश्मा की अखंड भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान शिव यहां ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए।
एलोरा गुफाओं के पास
यह मंदिर विश्व प्रसिद्ध एलोरा गुफाओं के निकट स्थित है और अपनी प्राचीन वास्तुकला के कारण ऐतिहासिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।
इतिहास History
घुश्मा की भक्ति
घर्षण से शिवलिंग
मंदिर का पुनर्निर्माण
एलोरा गुफाओं के निकट
दर्शन एवं आरती Darshan & Aarti Schedule
Morning Aarti
प्रातःकाल में भगवान शिव की आरती और पूजा के साथ मंदिर में दिन की शुरुआत होती है।
Temple Opening
सुबह 5:30 बजे से मंदिर श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुल जाता है।
Morning Puja
इस समय मंदिर में रुद्राभिषेक, जलाभिषेक और अन्य पूजाएं की जाती हैं।
Bhog Aarti
दोपहर में भगवान शिव को भोग अर्पित कर विशेष आरती की जाती है।
Temple Break
इस समय मंदिर कुछ समय के लिए बंद रहता है।
Afternoon Puja
दोपहर के बाद पुनः पूजा और दर्शन प्रारंभ होते हैं।
Evening Aarti
सायंकाल में दीप और मंत्रोच्चार के साथ संध्या आरती की जाती है।
Temple Closing
रात्रि आरती के बाद मंदिर बंद कर दिया जाता है।
चित्र दीर्घा Photo Gallery
घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर और आसपास के दिव्य दर्शन।

Grishneshwar Temple

Grishneshwar Temple

Grishneshwar Temple

Grishneshwar Temple

Grishneshwar Temple

Grishneshwar Temple
मंदिर का स्थान Location of the Temple
मंदिर का संपर्क - Contact of the Temple
पता / Address
Grishneshwar Temple, Verul, Sambhaji Nagar, Maharashtra
दूरभाष / Phone
094227 14413
ईमेल / Email
दर्शन समय / Darshan Hours
प्रातः 5:00 - रात्रि 9:00
सप्ताह के सभी दिन