Shri Ram Mandir

बैद्यनाथ ज्योतिर्लिंग धाम के बारे में About Baidyanath Jyotirlinga Dham

बैद्यनाथ धाम झारखंड राज्य के देवघर में स्थित एक अत्यंत पवित्र ज्योतिर्लिंग है, जिसे बाबाधाम के नाम से भी जाना जाता है। यह शिव और शक्ति के मिलन का दिव्य प्रतीक है।

त्रेतायुग की मान्यता के अनुसार रावण द्वारा लाया गया आत्मलिंग यहीं स्थापित हुआ। इसी कारण यह स्थान अत्यंत चमत्कारी और सिद्ध धाम माना जाता है।

श्रावण मास में यहां लाखों श्रद्धालु सुल्तानगंज से गंगाजल लाकर भगवान शिव का जलाभिषेक करते हैं। यह धाम आस्था, भक्ति और समर्पण का जीवंत केंद्र है।

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ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ

झारखंड के देवघर में स्थित बैद्यनाथ धाम 12 ज्योतिर्लिंगों और 51 शक्तिपीठों में से एक है। मान्यता है कि यहां मां सती का हृदय गिरा था, इसीलिए इसे ह्रदयपीठ भी कहा जाता है।

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रावण की तपस्या

त्रेतायुग में रावण ने महादेव की कठोर तपस्या कर आत्मलिंग प्राप्त किया। शर्त के अनुसार शिवलिंग भूमि पर स्थापित होते ही वहीं स्थिर हो गया और यही बैद्यनाथ धाम बना।

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सावन और कांवड़ यात्रा

सावन मास में सुल्तानगंज से गंगाजल लाकर लाखों कांवड़िये देवघर पहुंचते हैं और ‘बोल बम’ के जयकारों के साथ जलाभिषेक करते हैं।

इतिहास History

त्रेतायुग

रावण और आत्मलिंग

रावण ने कठोर तपस्या कर आत्मलिंग प्राप्त किया, जो शर्त के अनुसार देवघर में स्थापित हो गया।
पौराणिक मान्यता

ह्रदयपीठ

मान्यता है कि यहां मां सती का हृदय गिरा था, जिससे यह शक्तिपीठ के रूप में प्रसिद्ध हुआ।
वैद्य स्वरूप

बैद्यनाथ नाम की उत्पत्ति

रावण के कटे मस्तकों को पुनः स्थापित कर शिव वैद्य कहलाए, जिससे इस धाम का नाम बैद्यनाथ पड़ा।
श्रावण परंपरा

कांवड़ यात्रा

सुल्तानगंज से गंगाजल लाकर जलाभिषेक करने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

दर्शन एवं आरती Darshan & Aarti Schedule

Mangal / Kakad Aarti & Temple Doors Open

प्रातः 04:00 बजे

प्रातःकाल मंदिर के द्वार खुलते हैं और भगवान शिव की मंगल आरती से दिन की शुरुआत होती है।

Kancha Jal Offering

प्रातः 04:10 बजे

शिवलिंग पर प्रथम जल अर्पित किया जाता है।

Abhishekam & Shodashopachar Puja

प्रातः 04:15 – 05:30 बजे

पुजारियों द्वारा विधिवत अभिषेक और 16 उपचारों से मुख्य प्रातःकालीन पूजा संपन्न की जाती है।

General Morning Darshan

प्रातः 05:30 – 09:00 बजे

मुख्य पूजा के बाद श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रारंभ होते हैं।

Midday Bhog Offering

दोपहर 12:00 बजे (लगभग)

भगवान को मध्याह्न भोग अर्पित किया जाता है।

Midday Closure / Cleaning

दोपहर 02:00 – 03:30 बजे

मंदिर दोपहर में कुछ समय के लिए स्वच्छता एवं विश्राम हेतु बंद रहता है। समय में परिवर्तन संभव है।

Sandhya Aarti & Doors Re-open

सायं 06:00 बजे

सायंकाल मंदिर पुनः खुलता है और संध्या आरती प्रारंभ होती है।

Shringar Puja

सायं 06:10 – 07:30 बजे

भगवान का विशेष श्रृंगार कर सायंकालीन पूजा संपन्न की जाती है।

Shayan Aarti & Temple Closing

रात्रि 08:00 – 09:00 बजे

अंतिम आरती के पश्चात मंदिर रात्रि के लिए बंद कर दिया जाता है।

मंदिर का स्थान Location of the Temple

मंदिर का संपर्क - Contact of the Temple

पता / Address

Baidyanath Dham, Deoghar, Jharkhand 814112

दूरभाष / Phone

06432-232295, +91 9431942786 (Jai Baidyanath Tirth Purohit)

दर्शन समय / Darshan Hours

प्रातः 5:00 - रात्रि 11:00
सप्ताह के सभी दिन