वृषभ संक्रांति पर यह दान करकर आप सूर्यदेव को प्रसन्न कर सकते है

वृषभ संक्रांति को दान करने से आकर्षक होता है आपका व्यक्तित्व– शायद आपने यह कभी सुना नहीं होगा। आइए जानते है कुछ ऐसी बातें जो आज तक अपने महसूस जरूर की होगी पर ध्यान कभी नहीं दिया होगा! 
वृषभ संक्रांति के ठीक पहले गर्मी अत्यधिक बढ़ जाती है। इस बात का ध्यान किसी ने नहीं किया होगा पर इसका प्रभाव सभी ने महसूस किया होगा। कैसे करें इस भीषण गर्मी से खुद का बचाव?

By: RevivingCultures
Published on: 14 May 2026 at 5:59 am / Updated on: 24 May 2026 at 11:05 pm
वृषभ संक्रांति पर यह दान करकर आप सूर्यदेव को प्रसन्न कर सकते है

क्या आपने भी इस गर्मी का एहसास किया है?

वृषभ संक्रांति से पूर्व सभी को सूर्य भगवान की पूजा करनी चाहिए। इससे केवल मनुष्य का आत्मबल ही नहीं बढ़ता बल्कि उनके अंदर मौजूद अध्यात्मिक ऊर्जा में भी बढ़त होती है। 

क्या यह सच है कि वृषभ संक्रांति को यह चीजें दान करने से विशेष लाभ होता है?

निश्चय ही कुछ विशेष चीज़ों के दान करने से मनुष्यों को विशेष लाभ होता है। वो चीज़ें क्या है आपको इस ब्लॉग के अन्त में पता चलेगी। 

वृषभ संक्रांति क्या है?

  • सनातन धर्म में वृषभ संक्रांति की अत्यधिक मान्यता है। 
  • यह दिन शुभ ओर फलदाई माना जाता है। 
  • यह वही दिन है जब सूर्य देव मेष राशि से निकलकर वृषभ में प्रवेश करती है। 
  • इस दिन दान, स्नान और जप करने से ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विशेष लाभ होता है। इस दिन की गई हो सेवा भी बहुत लाभदाई होती है। 
  • इस दिन नदी में स्नान करने का विशेष महत्व माना गया है। 

किस तरह का दान इस दिन करना चाहिए? 

  • इस दिन घर आए किसी भी ब्राह्मण को खाली हाथ ना जाने दे। 
  • इस दिन जरूरतमंदों की मदद करने से अपने जीवन में आई हुई मुसीबत का खत्म होता है। 
  • इस दिन धन और अनाज का दान करना चाहिए। 
  • इस दिन गौ माता की पूजा करना चाहिए। 
  • तांबे के बर्तनों का दान इस दिन बड़ा ही शुभ माना जाता है। 
  • इस दिन वस्त्र, घी, और गुड़ का भी दान कर सकते हैं। 
  • इस दिन गेहूं का दान करना भी अत्यंत शुभ माना जाता है। 
  • इस दिन किया गया दान मनुष्य के सम्मान में बढ़ोतरी करता है। 
  • यह दान सूर्य भगवान की पूजा के बाद करना चाहिए। 
  • वृषभ का असली अर्थ बैल यानी की नंदी होता है। यह सभी जानते हैं कि नंदी जी भगवान शिव जी के वाहन है और इसीलिए इस दिन गौ माता की सेवा या उनका दान करने का विशेष लाभ बताया गया है। 
  • ऐसा पहले भी कहां गया है कि इस महीने और खास कर वृषभ संक्रांति के दिन प्रचंड गर्मी का आभास होता है। ऐसे में इस दिन प्यासे को पानी पिलाने से या फिर प्याऊ लगाने से एक पूरे यज्ञ का फल मिलता है। 

वृषभ संक्रांति को दान करने से क्या होता है? 

  • वृषभ संक्रांति को दान करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है और वह खुश रहते हैं। 
  • परिवार में सुख और स्मृति बढ़ती है। 
  • आर्थिक स्थिति भी पहले से बेहतर हो जाती है। 

इस दिन पूजा कैसे करे?

  • वृषभ संक्रांति को शुभ स्नान कर स्वच्छ कपड़े पहन सूर्य भगवान को जल अर्पण करना चाहिए और उनकी पूजा करनी चाहिए। 
  • इस दिन धन और अनाज का दान करना चाहिए।
  • इस दिन भगवान शिव के ऋषभ रूद्र स्वरूप की सच्चे दिल से पूजा करने से विशेष लाभ मिलता है। 
  • इस दिन विष्णु भगवान की पूजा करने से भी विशेष लाभ होता है। 
  • इस दिन से रोहिणी नक्षत्र में सूर्य देव का आगमन होता है और जो 15 दिन तक स्थाई रहता है।  ऐसे में इन दोनों सच्चे मन से पूजा करने से सुख समृद्धि प्राप्त होती है। 

वृषभ संक्रांति के दिन क्या न करें? 

  • वृषभ संक्रांति के दिन किसी भी प्रकार की नुकीली चीज का भूल से भी दान न करें।
  • इस दिन भोजन नहा कर ही करें वरना यह शरीर में विष का काम करता है। 
  • इस दिन देर तक नहीं सोना चाहिए। इस दिन जल्दी उठ कर नहा ले। 

वृषभ संक्रांति को क्या करें?

  • इस दिन अगर हो सके तो किसी पवित्र नदी में जाकर ही स्नान करें अगर ऐसा संभव नहीं है तो अपने नहाने के पानी में गंगाजल मिलाकर उससे स्नान करें. यह आपके तन और मां को शुद्ध कर आपको मोक्ष की ओर ले जाता है। 

  • स्नान करने के बाद एक तांबे के पत्र में जल लें और सूर्य देव को चढ़ाए। जल चढ़ाने के बाद सूर्य देव को लाल फूल और गुड़ का भी अर्क दे। 

इस दिन किस मंदिर में पूजा करने से विशेष लाभ माना गया है? 

वृषभ संक्रांति को जगन्नाथ पुरी के मंदिर में दर्शन करने से भक्तों को अत्यंत लाभ मिलता है।  इस दिन वहां विशेष अनुष्ठान भी होते हैं। 
वृषभ संक्रांति अनेक शिवजी और विष्णु जी के मंदिर मे भी मनाई जाती है। 

वृषभ संक्रांति कब आती है? 

सौर कैलेंडर के अंतर्गत वृषभ संक्रांति हर वर्ष जेस्ट महीने की शुरुआत में आती है। 

वृषभ संक्रांति का महत्व

यू तो हर संक्रांति अपने में बहुत ही अधिक महत्वपूर्ण है पर वृषभ संक्रांति का सनातन धर्म में एक बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। दक्षिण भारत में इस दिन जोर-शोर से पाठ पूजा होती है। प्रकृति में बदलाव के साथ-साथ यह दिन जीवन में भी सकारात्मक परिवर्तन लेकर आ सकता है। 

वृषभ संक्रांति को दान करना बिल्कुल भी ना भूले आपका अच्छा करियर इंतजार कर रहा है !