Kedarnath

Bhajans
चलो केदारनाथ - Chalo Kedarnath
परिचय
यह भजन भगवान शिव के पावन धाम केदारनाथ की महिमा और वहाँ जाने की तीव्र भक्तिभावना को अत्यंत सुंदर तरीके से व्यक्त करता है। इसमें भक्त के मन में उठती उस पुकार को दर्शाया गया है, जो उसे हिमालय की ऊँचाइयों में स्थित बाबा केदार के दरबार तक खींच ले जाती है। भजन में प्रकृति—हवाएं, नदियां और बर्फीली वादियां—भी मानो शिव का गुणगान करती प्रतीत होती हैं, जिससे इसकी भक्ति और भी गहरी हो जाती है।
भावार्थ
इस भजन में भक्त यह अनुभव करता है कि केदारनाथ की यात्रा केवल एक साधारण यात्रा नहीं, बल्कि भगवान शिव का बुलावा है। वह मानता है कि जब तक शिव स्वयं नहीं बुलाते, तब तक कोई भी उनके धाम तक नहीं पहुंच सकता। भजन में यह भी दर्शाया गया है कि जब भक्त शिव के चरणों में पहुंच जाता है, तो वह पूरी तरह उनके भरोसे खुद को समर्पित कर देता है। यह भजन हमें सिखाता है कि सच्ची श्रद्धा, विश्वास और समर्पण से ही भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है और जीवन की हर कठिनाई दूर हो जाती है।

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शिव कू कैलाश - Shiv Ku Kailash
परिचय
यह एक अत्यंत भक्तिमय और लोक-रंग से भरपूर शिव भजन है, जिसमें भगवान भोलेनाथ के कैलाशवासी स्वरूप, उनके अलौकिक श्रृंगार और उनकी आनंदमयी लीला का सुंदर वर्णन किया गया है। इस भजन में उत्तराखंड और हिमालय क्षेत्र की लोकभाषा की मधुरता झलकती है, जो इसे और भी विशेष बनाती है।
“शिव कू कैलाश देखा” पंक्ति के माध्यम से भगवान शिव के पवित्र धाम कैलाश पर्वत की महिमा का गुणगान किया गया है, जहाँ देवताओं की डोलियाँ सजती हैं और पूरा वातावरण भक्ति और उत्साह से भर जाता है। “बाबा केदार” का उल्लेख केदारनाथ धाम की महत्ता को दर्शाता है, जो भगवान शिव के प्रमुख ज्योतिर्लिंगों में से एक है।
भावार्थ
इस भजन का मुख्य भाव भगवान शिव के दिव्य स्वरूप, उनके वैराग्य और उनकी नृत्यमयी लीला का वर्णन करना है। भक्त जब भगवान शिव को कैलाश पर विराजमान देखता है, तो उसका मन आनंद और भक्ति से भर उठता है।
भजन में शिव के श्रृंगार—भस्म, सर्प, चंद्रमा, गंगा और त्रिनेत्र—के माध्यम से उनकी महानता और त्याग का संदेश मिलता है। भूत-प्रेतों और देवताओं के साथ उनका नृत्य यह दर्शाता है कि भगवान शिव सभी को समान रूप से स्वीकार करते हैं।

Mandir
Kedarnath Jyotirlinga Temple Rudraprayag Uttarakhand
उत्तराखंड में स्थित श्री केदारनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर की दर्शन जानकारी, आरती समय, यात्रा विवरण, स्थान और धार्मिक महत्व Reviving Cultures पर।

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पंचम ज्योतिर्लिंग केदारनाथ (उत्तराखंड): दर्शन समय, कैसे पहुँचें, नियम और पूरी यात्रा
कभी आपने महादेव की बंद आंखों को देखकर सोचा है कि ऐसा क्यों हैं? उनकी बंद आँखें पूर्ण सजगता दर्शाती है – भीतरी और बाहरी दोनों तरह से। कहते हैं की महादेव बाहरी दुनिया को अपने अंदर के ज्ञान की परछाई समझते हैं।
केदारनाथ का अर्थ है खेतों के भगवान का मंदिर। केदार अर्थात खेत और नाथ अर्थात भगवान सारे देवों में पूजनीय है।

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12 ज्योतिर्लिंग का रहस्य: क्यों माने जाते हैं भगवान शिव के सबसे पवित्र धाम
ज्योतिर्लिंग जाने की कामना आप सबने की होगी और आप में से काफी लोग कुछ ज्योतिर्लिंग या सारे 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए भी होंगे पर क्या आप जानते हो आखिरकार ज्योतिर्लिंग कहते किसे है?