Shri Ram Mandir

Kedarnath Jyotirlinga Temple Rudraprayag Uttarakhand

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग के बारे में About Kedarnath Jyotirlinga

केदारनाथ ज्योतिर्लिंग उत्तराखंड राज्य के रुद्रप्रयाग जिले में हिमालय की गोद में स्थित है। यह बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक पवित्र ज्योतिर्लिंग है और चार धाम यात्रा का अत्यंत महत्वपूर्ण पड़ाव माना जाता है।

महाभारत युद्ध के बाद पांडव अपने पापों से मुक्ति पाने हेतु भगवान शिव की खोज में यहां आए थे। शिवजी भैंसे के रूप में प्रकट हुए और अंततः पांडवों की भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें दर्शन दिए। उसी स्थान पर आज केदारनाथ मंदिर स्थित है।

यह मंदिर समुद्र तल से लगभग 3,584 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और कठिन हिमालयी परिस्थितियों के बीच भी अटूट आस्था का प्रतीक बना हुआ है। सर्दियों में अत्यधिक बर्फबारी के कारण मंदिर बंद रहता है और पूजा ऊखीमठ में संपन्न की जाती है।

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पांडवों की तपस्थली

महाभारत युद्ध के पश्चात पांडव ब्रह्महत्या दोष से मुक्ति पाने हेतु हिमालय के केदार क्षेत्र में आए। भगवान शिव भैंसे के रूप में प्रकट हुए और अंततः पांडवों को दर्शन देकर उन्हें पापों से मुक्ति प्रदान की।

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हिमालय की गोद में स्थित

केदारनाथ धाम उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में समुद्र तल से लगभग 3,584 मीटर की ऊंचाई पर मंदाकिनी नदी के तट पर स्थित है। यह उत्तराखंड के चार धामों में अत्यंत महत्वपूर्ण धाम है।

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पंच केदार में प्रमुख

केदारनाथ पंच केदार में सर्वोपरि है। मान्यता है कि यहां भगवान शिव की पीठ के रूप में स्वयंभू ज्योतिर्लिंग विराजमान है, जबकि अन्य अंग तुंगनाथ, मध्यमहेश्वर, रुद्रनाथ और कल्पेश्वर में पूजे जाते हैं।

इतिहास History

महाभारत काल

पांडवों की तपस्या

कुरुक्षेत्र युद्ध के बाद पांडव भगवान शिव को प्रसन्न करने हेतु केदार क्षेत्र में तपस्या करने आए।
प्राचीन मान्यता

भैंस रूप में शिव

भगवान शिव भैंस के रूप में प्रकट हुए और अंततः भूमि में समा गए, जहां उनकी पीठ के रूप में ज्योतिर्लिंग प्रकट हुआ।
आदि शंकराचार्य काल

मंदिर पुनर्जीवन

मान्यता है कि आदि गुरु शंकराचार्य ने इस मंदिर का पुनर्निर्माण एवं पुनर्जीवन किया।
धार्मिक महत्व

पंच केदार परंपरा

केदारनाथ में शिव की पीठ, तुंगनाथ में भुजाएं, मध्यमहेश्वर में नाभि, रुद्रनाथ में मुख और कल्पेश्वर में जटाएं पूजी जाती हैं।
वर्तमान

चार धाम का प्रमुख केंद्र

आज केदारनाथ चार धाम यात्रा का प्रमुख और सर्वाधिक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

दर्शन एवं आरती Darshan & Aarti Schedule

Maha Abhishek

प्रातः 04:00 बजे

प्रातःकाल भगवान केदारनाथ का विशेष अभिषेक एवं पूजन किया जाता है।

General Darshan Begins

प्रातः 06:00 बजे

मंदिर प्रातः 6 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए खुल जाता है।

Evening Kapoor Aarti

सायं 06:00 – 07:30 बजे

सायंकालीन आरती में दीप और कपूर से भगवान शिव की आराधना की जाती है।

Shayan Aarti

रात्रि 08:30 बजे

रात्रि में श्रृंगार एवं शयन आरती के बाद मंदिर के पट बंद कर दिए जाते हैं।

मंदिर का स्थान Location of the Temple

मंदिर का संपर्क - Contact of the Temple

पता / Address

Kedarnath Temple, Rudraprayag District, Uttarakhand 246445

दूरभाष / Phone

+91-7302257116

ईमेल / Email

ceo@[email protected]

दर्शन समय / Darshan Hours

प्रातः 4:00 - रात्रि 8:30
मई से नवंबर तक