Rameshwar

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Rameshwaram Jyotirlinga Temple Ramanathapuram
तमिलनाडु में स्थित श्री रामेश्वरम ज्योतिर्लिंग मंदिर की दर्शन जानकारी, आरती समय, स्थान और धार्मिक महत्व Reviving Cultures पर।

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इन गलतियों से बचें रामेश्वरम धाम में - In Galtiyon Se Bachen Rameshwaram Dham Mein
रामेश्वरम धाम भारत के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है, जहां हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस ज्ञानवर्धक प्रवचन में जानिए रामेश्वरम यात्रा के दौरान किन बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए और किन सामान्य गलतियों से बचना चाहिए। तीर्थ यात्रा की मर्यादा, भक्ति भाव और आध्यात्मिक आचरण को समझकर अपनी यात्रा को अधिक सफल और सार्थक बनाएं।

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अमोघ लीला प्रभुजी के संग रामेश्वरम में हरिनाम संकीर्तन - Amogh Lila Prabhuji Ke Sang Rameshwaram Mein Harinaam Sankirtan
रामेश्वरम धाम में अमोघ लीला प्रभुजी द्वारा प्रस्तुत इस मधुर हरिनाम संकीर्तन का आनंद लें। भक्ति, प्रेम और श्रीकृष्ण के पावन नामों से गूंजता यह कीर्तन भक्तों को आध्यात्मिक आनंद और शांति का अनुभव कराता है। आइए इस दिव्य संकीर्तन में शामिल होकर हरिनाम के रस में डूब जाएँ और अपने जीवन को भक्ति से सराबोर करें।

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12 ज्योतिर्लिंग का रहस्य: क्यों माने जाते हैं भगवान शिव के सबसे पवित्र धाम
ज्योतिर्लिंग जाने की कामना आप सबने की होगी और आप में से काफी लोग कुछ ज्योतिर्लिंग या सारे 12 ज्योतिर्लिंग के दर्शन किए भी होंगे पर क्या आप जानते हो आखिरकार ज्योतिर्लिंग कहते किसे है?

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रामेश्वर ज्योतिर्लिंग या धाम (तमिलनाडु) : जाने से पहले जाने यह बातें
चेन्नई में रामेश्वरम सबसे बड़ा तीर्थ स्थान है और इस स्थान विशेष का नाता भी रामायण से है। मन्नार की खाड़ी के एक द्वीप पर स्थित, रामेश्वरम, श्री राम द्वारा स्थापित एक ज्योतिर्लिंग है। पुराणों की माने तो इस ज्योतिर्लिंग का संबंध रामायण से है। माना जाता है कि श्री राम ने खुद शिवलिंग बना शिवजी की उपासना की थी। यही से असल में रामसेतु की शुरुआत हुई। यहां आने वाले भक्त रामानाथ स्वामी के मंदिर के गलियारा को देखकर निश्चित ही हक्के बल्के रह जाएंगे। हो भी क्यों न यह विश्व का सबसे बड़ा गलियारा है। रामेश्वरम 4 धाम में एक माना जाता है। इसे दक्षिण का काशी के नाम से भी संबोधित किया जाता है और यह शैव और वैष्णव दोनों के लिए धार्मिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण स्थान है।
राम स्वर में सार है, महादेव का वास,
रामायण से शुरू हुआ, इस ज्योतिर्लिंग का प्रवास।