Kaali Kamli Ne Aisa Rang Daala

काली कमली ने ऐसा रंग डाला - Kaali Kamli ne Aisa Rang Daala
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काली कमली ने ऐसा रंग डाला - Kaali Kamli ne Aisa Rang Daala

परिचय यह अत्यंत मधुर और प्रेमरस से भरा श्रीश्याम भजन भगवान श्रीकृष्ण के सांवरे स्वरूप और उनकी मोहिनी अदाओं का सुंदर वर्णन करता है। इस भजन में भक्त श्रीकृष्ण के श्याम रंग, उनकी काली कमली और उनकी आकर्षक चितवन के प्रभाव को प्रेमपूर्वक व्यक्त करता है। भजन में बताया गया है कि श्रीकृष्ण का श्याम रंग ऐसा दिव्य और अलौकिक है कि उसके आगे संसार के सभी रंग फीके पड़ जाते हैं। उनकी टेढ़ी चितवन, मनमोहक मुस्कान और प्रेम भरी दृष्टि भक्त के हृदय को पूरी तरह अपने रंग में रंग देती है। यह भजन माधुर्य भक्ति और कृष्ण प्रेम की अद्भुत अनुभूति कराता है। इसमें भक्त का हृदय श्रीकृष्ण के प्रेम में इतना डूब जाता है कि उसे संसार के अन्य सभी आकर्षण तुच्छ प्रतीत होने लगते हैं। भावार्थ इस भजन में भक्त कहता है कि श्रीकृष्ण की काली कमली और उनका श्याम रंग इतना अद्भुत है कि एक बार जो उस प्रेम रंग में रंग जाता है, फिर संसार का कोई अन्य रंग उसे आकर्षित नहीं कर सकता। भक्त श्रीकृष्ण की टेढ़ी चितवन, उनकी सुंदर अदाओं और कजरारे नेत्रों का वर्णन करते हुए कहता है कि उनकी एक नजर ने उसके मन को पूरी तरह मोहित कर लिया है। अंत में भक्त स्वीकार करता है कि श्रीकृष्ण के प्रेम का रंग ऐसा चढ़ा कि संसार के सभी रंग मिट गए और केवल श्याम रंग ही उसके जीवन में बस गया। यही इस भजन का मुख्य भाव है।