काली कमली ने ऐसा रंग डाला - Kaali Kamli ne Aisa Rang Daala
यह अत्यंत मधुर और प्रेमरस से भरा श्रीश्याम भजन भगवान श्रीकृष्ण के सांवरे स्वरूप और उनकी मोहिनी अदाओं का सुंदर वर्णन करता है। इस भजन में भक्त श्रीकृष्ण के श्याम रंग, उनकी काली कमली और उनकी आकर्षक चितवन के प्रभाव को प्रेमपूर्वक व्यक्त करता है।
काली कमली ने ऐसा रंग डाला।
के रंग कोई चडता नहीं॥
काली कमली ने ऐसा रंग डाला।
के रंग कोई चडता नहीं॥
रूप भी काला, रंग भी काला।
फिर भी गज़ब कर डाला॥
काले रंग ने दीवाना कर डाला।
के रंग कोई चडता नहीं॥
काली कमली ने ऐसा रंग डाला।
के रंग कोई चडता नहीं॥
टेढ़ी चित्तवन, टेढ़ी अदा है।
जिस पे दिल यह फ़िदा है॥
श्याम प्यारे ने ऐसा जादू डाला।
के रंग कोई चडता नहीं॥
काली कमली ने ऐसा रंग डाला।
के रंग कोई चडता नहीं॥
तेरे नैना कारे कारे।
हम पे जादू डारे॥
तेरी नजरो ने हमे मार डाला।
के रंग कोई चडता नहीं॥
काली कमली ने ऐसा रंग डाला।
के रंग कोई चडता नहीं॥
ऐसा रंग डाला मेरा सब कुछ रंग गया।
और रंग धुल गए इक श्याम रंग चढ़ गया॥
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