Guru Ashtakam

Bhajans
गुरु अष्टकम् - Guru Ashtakam
परिचय
श्री गुरु अष्टकम् वैष्णव परंपरा का अत्यंत पावन स्तोत्र है, जिसकी रचना श्रील विश्वनाथ चक्रवर्ती ठाकुर ने की थी। यह स्तुति सद्गुरु को भगवान श्रीकृष्ण की कृपा का साक्षात् माध्यम मानते हुए उनके श्रीचरणों में पूर्ण शरणागति का भाव प्रकट करती है। इसमें गुरु को अज्ञानरूपी अग्नि से संसार को बचाने वाला, भक्ति का मार्ग दिखाने वाला और राधा-कृष्ण प्रेम का दाता बताया गया है।
भावार्थ
इस स्तुति का भाव यह है कि सद्गुरु की कृपा से ही जीव संसाररूपी दावानल से मुक्त होकर भक्ति के मार्ग पर अग्रसर होता है। गुरु न केवल शास्त्रज्ञान प्रदान करते हैं, बल्कि अपने आचरण, सेवा और प्रेम के द्वारा भक्त को राधा-कृष्ण की मधुर लीलाओं से जोड़ते हैं। गुरु की प्रसन्नता से ही भगवान की प्रसन्नता प्राप्त होती है, और उनकी कृपा के बिना मोक्ष या भक्ति की सिद्धि संभव नहीं है।

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श्री गुरु अष्टकम् - Shree Guru Ashtakam
परिचय
श्री गुरु अष्टकम् आदि शंकराचार्य द्वारा रचित एक अत्यंत भावपूर्ण स्तोत्र है, जिसमें यह प्रतिपादित किया गया है कि गुरु-भक्ति के बिना शरीर, धन, विद्या, यश, वैराग्य—सब निष्फल हैं।
गायन-समय
ब्रह्ममुहूर्त
गुरुवार
गुरु पूर्णिमा
ध्यान या जप से पहले
भाव-सार
गुरु ही जीवन की परम गति हैं।
गुरु-चरणों में मन न लगे तो सब उपलब्धियाँ अर्थहीन हैं।