छम छम बाजे पायलिया छवि दिखलाए कान्हा - Cham Cham Baje Payaliya Chavi Dikhalye Kanha
परिचय
यह अत्यंत मधुर और वात्सल्य रस से भरा श्रीकृष्ण भजन भगवान श्रीकृष्ण के घर आगमन की आनंदमयी भावना को व्यक्त करता है। इस भजन में भक्त अपने घर आए बाल गोपाल की मनमोहक छवि का वर्णन करता है। श्रीकृष्ण की पायल की मधुर ध्वनि, उनकी सांवली सूरत और मोहक मुस्कान पूरे वातावरण को प्रेम और आनंद से भर देती है।
भजन में माता यशोदा, सखियों और भक्तों के हृदय में उत्पन्न होने वाले आनंद का सुंदर चित्रण किया गया है। कान्हा के आगमन से अंधेरी रात भी प्रकाशमय हो जाती है और हर कोई उनकी मोहिनी छवि में खो जाता है।
यह भजन भक्त और भगवान के बीच के प्रेम, वात्सल्य और आत्मिक आनंद की मधुर अनुभूति कराता है। इसे सुनकर ऐसा प्रतीत होता है मानो स्वयं बालकृष्ण भक्त के घर पधार गए हों।
भावार्थ
इस भजन में भक्त अत्यंत प्रसन्न होकर कहता है कि भगवान श्रीकृष्ण उसके घर पधारे हैं। उनकी पायल की मधुर ध्वनि और सुंदर छवि देखकर पूरा वातावरण आनंद से भर गया है।
भक्त अनुभव करता है कि श्रीकृष्ण के आगमन से अंधकार मिट जाता है और जीवन पवित्र हो जाता है। माता यशोदा और सखियाँ भी कान्हा की मोहक अदाओं को देखकर आनंदित हो जाती हैं।
भजन यह संदेश देता है कि जब भगवान भक्त के हृदय में आते हैं, तब जीवन प्रेम, शांति और दिव्य आनंद से भर जाता है। श्रीकृष्ण का दर्शन और स्मरण ही भक्त के जीवन को पावन बना देता है।