श्री हरि स्तोत्रम् - Shree Hari Stotram
परिचय
यह स्तोत्र भगवान श्री विष्णु / श्रीहरि / नारायण की दिव्य महिमा का गहन वर्णन करता है। इसमें प्रभु को जगत के पालनकर्ता, वैकुण्ठवासी, भक्तवत्सल और मोक्षदाता रूप में स्मरण किया गया है।
भावार्थ
भक्त बार-बार “भजेऽहं भजेऽहं” कहकर यह स्वीकार करता है कि— मेरी शरण, मेरा आधार, मेरा लक्ष्य केवल श्रीहरि ही हैं।