तुलसी स्तुति - Tulsi Stuti
परिचय
श्री तुलसी माता स्तुति तुलसी देवी की करुणा, पवित्रता और महिमा का वर्णन करने वाली दिव्य रचना है। तुलसी माता भगवान श्रीहरि की अत्यन्त प्रिय हैं और वैष्णव परम्परा में उन्हें देवी स्वरूप माना गया है। यह स्तुति तुलसी के दर्शन, स्पर्श, स्मरण और पूजन से प्राप्त होने वाले पुण्य का वर्णन करती है।
भावार्थ
तुलसी माता पापों का नाश करने वाली, पुण्य प्रदान करने वाली तथा समस्त दुःख और रोगों को हरने वाली हैं। जिनके मूल में सभी तीर्थ, मध्य में सभी देवता और अग्रभाग में समस्त वेद निवास करते हैं। उनका नाम स्मरण मात्र मनुष्य को पवित्र कर देता है।
अर्थ
जो व्यक्ति तुलसी माता का पूजन करता है, उनका स्मरण करता है या उनके चरणों में भक्ति अर्पित करता है, उसे सौभाग्य, संतान, धन, धान्य, आरोग्य और अन्ततः मोक्ष की प्राप्ति होती है। तुलसी माता श्रीकृष्ण के चरणों में स्थान दिलाने वाली हैं।