तेरी शरण में आके मैं धन्य हो गया - Teri Sharan Me Aake Me Dhanya Ho Gaya
परिचय
यह भजन भगवान की शरणागति और उनकी कृपा के महत्व को दर्शाता है। इसमें भक्त अपने जीवन के अनुभव को व्यक्त करते हुए कहता है कि प्रभु की शरण में आने से उसका जीवन धन्य हो गया। जन्मों से जो आध्यात्मिक प्यास थी, वह प्रभु की कृपा से पूर्ण हो गई।
भावार्थ
भजन का संदेश यह है कि संसार में धन-दौलत, मान-सम्मान और अनेक प्रकार की वस्तुएँ मिल सकती हैं, परन्तु सच्चा सुख और संतोष केवल भगवान की शरण में ही मिलता है। जब भक्त सच्चे मन से प्रभु को अपना मान लेता है, तब उसके दुख दूर हो जाते हैं और उसे जीवन का सच्चा मार्ग मिल जाता है। प्रभु के चरणों का सहारा ही जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति का मार्ग है।