तेरा क़र्ज़ा साँवरिया - Tera Karza Sanwariya
परिचय
यह भजन खाटू श्याम के प्रति एक भक्त की गहरी कृतज्ञता और प्रेम को दर्शाता है। इसमें भक्त स्वीकार करता है कि बाबा की कृपा से ही उसका जीवन संवर पाया है। भजन में यह भाव प्रमुख रूप से उभरकर आता है कि श्याम बाबा अपने भक्तों पर असीम दया करते हैं, उन्हें अपनाते हैं और उनके हर दुख-दर्द को दूर करते हैं। यह भजन श्याम भक्ति की मिठास और उनके प्रति समर्पण की भावना को अत्यंत भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत करता है।
भावार्थ
इस भजन में भक्त यह कहता है कि श्याम बाबा ने उस पर इतनी कृपा की है कि वह उनका ऋण कभी नहीं चुका सकता। बाबा ने उसके जीवन को संभाला, उसकी गलतियों को माफ किया और उसे हर कठिनाई में सहारा दिया। भजन यह सिखाता है कि भगवान अपने भक्तों से केवल सच्चा प्रेम और विश्वास चाहते हैं, और बदले में वे उन्हें असीम कृपा और आशीर्वाद देते हैं। अंततः भक्त यह स्वीकार करता है कि वह चाहे कितने भी जन्म ले ले, वह हमेशा बाबा का ऋणी ही रहेगा और उनकी कृपा को कभी भूल नहीं पाएगा।