Tandav

श्रीराम तांडव स्तोत्रम् - Shree Ram Tandav Stotram
Bhajans

श्रीराम तांडव स्तोत्रम् - Shree Ram Tandav Stotram

परिचय राघव ताण्डव स्तोत्रम् भगवान श्रीराम के उग्र, वीर और संहारक स्वरूप का वर्णन करता है। यह स्तोत्र श्रीराम को केवल मर्यादा पुरुषोत्तम ही नहीं, बल्कि अधर्म का विनाश करने वाले महावीर योद्धा के रूप में प्रस्तुत करता है। इसमें युद्धभूमि में श्रीराम के ताण्डव, उनके पराक्रम, अस्त्र-शस्त्र और राक्षस संहार का अत्यंत प्रचण्ड चित्रण किया गया है। स्तोत्र का भाव इस स्तोत्र का भाव वीर रस से परिपूर्ण है। इसमें श्रीराम को कालस्वरूप, धर्मरक्षक और भक्तवत्सल बताया गया है। जब अधर्म सीमा पार करता है, तब श्रीराम का यह ताण्डव रूप प्रकट होता है। यह स्तोत्र साहस, निर्भयता और धर्म के लिए संघर्ष की प्रेरणा देता है। अर्थ का सार श्रीराम के क्रोध से राक्षसों का नाश होता है उनका ताण्डव अधर्म को जड़ से समाप्त करता है वे भक्तों की रक्षा के लिए काल बन जाते हैं उनका स्मरण जन्म मृत्यु के भय से मुक्त करता है श्रीराम धर्म, शौर्य और करुणा का पूर्ण स्वरूप हैं