श्री सिद्धिविनायक मंत्र एवं आरती - Shree Siddhivinayak Mantra & Aarti
यह स्तोत्र भगवान श्री गणेश (गणपति) की महिमा का गुणगान है, जो 'वक्रतुंड' (टेढ़ी सूंड वाले), 'महाकाय' (विशालकाय), 'सूर्यकोटि समप्रभा' (करोड़ों सूर्यों के समान तेजस्वी) कहे गए हैं। इसमें 'ॐ गं गणपतये नमः' बीज मंत्र है, तथा 'सिद्धिविनायक' (सिद्धि देने वाले), 'अस्तविनायक' (आठ प्रसिद्ध गणेश मंदिरों के स्वामी) का स्मरण किया गया है। इस स्तोत्र में प्रसिद्ध गणेश आरती 'सुखकर्ता दुःखहर्ता' का भी समावेश है, जो सर्वविदित है।