Shiv Chalisa

चले बाराती भोलेनाथ की शादी - Chale Baraati Bholenath Ki Shaadi
Bhajans

चले बाराती भोलेनाथ की शादी - Chale Baraati Bholenath Ki Shaadi

परिचय यह भजन भगवान शिव और माता पार्वती के दिव्य विवाह का उत्सवपूर्ण वर्णन करता है। शिवजी की अनोखी बारात, जिसमें भूत-प्रेत, गण, देवता और स्वयं प्रकृति भी झूम उठती है, इस भजन का मुख्य आकर्षण है। यह गीत महाशिवरात्रि और विवाह उत्सवों में विशेष रूप से गाया जाता है। भावार्थ भजन में शिवजी के वैरागी स्वरूप और उनके विवाह की अद्भुत झांकी प्रस्तुत की गई है। भस्म, चंद्र, गंगा और नागों से सजे भोलेनाथ जब विवाह के लिए चलते हैं तो तीनों लोकों में आनंद की लहर दौड़ जाती है। यह विवाह केवल एक उत्सव नहीं बल्कि शिव और शक्ति के दिव्य मिलन का प्रतीक है। पाठ का फल इस भजन का गायन करने से घर में मंगल, आनंद और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। शिव-पार्वती की कृपा प्राप्त होती है तथा वैवाहिक जीवन में प्रेम, संतुलन और सौहार्द बढ़ता है।
श्री शिव चालीसा - Shree Shiv Chalisa
Chalisa

श्री शिव चालीसा - Shree Shiv Chalisa

जय गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान । कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान ॥