Renuka Goswami

भज गौरांग कहो गौरांग - Bhaj Gaurang Kaha Gaurang
Bhajans

भज गौरांग कहो गौरांग - Bhaj Gaurang Kaha Gaurang

परिचय भज गौरांग कहो गौरांग एक अत्यंत भावपूर्ण वैष्णव भजन है, जो श्री चैतन्य महाप्रभु (गौरांग प्रभु) और हरे कृष्ण महामंत्र की महिमा का गुणगान करता है। इस भजन में नाम-स्मरण, नृत्य, प्रेम-भक्ति और हरिनाम की शक्ति को सरल शब्दों में व्यक्त किया गया है। यह भजन वैष्णव परंपरा में नाम-संकीर्तन का प्रतीक माना जाता है। भजन / पाठ का फल इस भजन का श्रद्धा से गायन या श्रवण करने से: मन में नाम-स्मरण की रुचि बढ़ती है जीवन के क्लेश, दुःख और भय दूर होते हैं कृष्ण-प्रेम और वैराग्य का विकास होता है चित्त शुद्ध होकर आनंद और शांति की अनुभूति होती है भक्त को गौरांग प्रभु और श्रीकृष्ण की कृपा प्राप्त होती है कलियुग में यह भजन मोक्ष का सरल साधन माना गया है
रेनुका गोस्वामी - Shri Renuka Goswami
Katha Vachak

रेनुका गोस्वामी - Shri Renuka Goswami

परिचय एवं सामाजिक पहचान वे एक भारतीय धार्मिक, सामाजिक और आध्यात्मिक व्यक्तित्व हैं। वे प्रसिद्ध कथावाचक आचार्य श्री पुंडरीक गोस्वामी जी महाराज की पत्नी हैं और धर्म व संस्कृति के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। आधुनिक शिक्षा और आध्यात्मिक सोच का सुंदर संतुलन उनके व्यक्तित्व में स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। शैक्षिक पृष्ठभूमि एवं खेल जीवन उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से बिजनेस मैनेजमेंट (मार्केटिंग) में मास्टर्स डिग्री प्राप्त की है। उच्च शिक्षा से पहले वे राष्ट्रीय स्तर की हॉकी खिलाड़ी भी रह चुकी हैं, जिससे उनके अनुशासन, समर्पण और नेतृत्व क्षमता का परिचय मिलता है। निमाई पाठशाला की स्थापना और योगदान वे निमाई पाठशाला (Nimai Pathshala) की संस्थापक हैं, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से वैदिक शिक्षा, धर्म और नैतिक मूल्यों को सरल और प्रभावशाली ढंग से बच्चों और युवाओं तक पहुँचाती है। इस पहल के माध्यम से वे आज एक लाख से अधिक बच्चों को संस्कार आधारित शिक्षा प्रदान कर रही हैं। आध्यात्मिक कार्य और जीवन उद्देश्य वर्तमान में वे एक आध्यात्मिक वक्ता के रूप में भारत और विदेशों में सक्रिय हैं। उनका उद्देश्य है कि समाज का प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में धर्म, संस्कार, भक्ति और नैतिक मूल्यों को अपनाए, ताकि जीवन सकारात्मक, संतुलित और सार्थक बन सके।