राधिका गोरी से बिरज की छोरी से - Radhika Gori Se Braj Ki Chori Se
परिचय
यह ब्रज का अत्यंत लोकप्रिय रसिया भजन है जिसमें बालकृष्ण अपनी माता यशोदा से राधा जी के साथ विवाह कराने की बालसुलभ जिद करते हैं। इसमें कान्हा की चंचलता, भोलेपन और राधा के प्रति उनके प्रेम का अत्यंत सुंदर चित्रण मिलता है।
भावार्थ
इस पद में श्रीकृष्ण अपनी माता से कहते हैं कि उनका विवाह ब्रज की गोरी राधिका से करा दिया जाए। माता यशोदा हँसते हुए कहती हैं कि अभी तुम्हारी उम्र छोटी है और तुम्हारी शरारती नजर देखकर कैसे विवाह करा दूँ। कृष्ण हठ करते हुए कहते हैं कि यदि विवाह नहीं कराया तो वे गायें नहीं चराएंगे और घर भी नहीं आएंगे। उनकी बाललीला सुनकर माता मुस्कुरा देती हैं और उन्हें हृदय से लगा लेती हैं। यह पद श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं और ब्रज की मधुर संस्कृति को दर्शाता है।