Oh Shiv Mere

ओ शिव मेरे - Oh Shiv Mere
Bhajans

ओ शिव मेरे - Oh Shiv Mere

परिचय यह एक अत्यंत भावपूर्ण और समर्पण से भरा शिव भजन है, जिसमें भगवान शिव को समस्त सृष्टि के स्वामी और संचालक के रूप में प्रस्तुत किया गया है। इस भजन में भक्त अपने जीवन की असहायता और भगवान की सर्वोच्च सत्ता को स्वीकार करते हुए उनके चरणों में पूर्ण समर्पण व्यक्त करता है। भजन की पंक्तियाँ यह दर्शाती हैं कि इस संसार में जो कुछ भी घटित होता है, वह भगवान शिव की इच्छा से ही होता है। मनुष्य केवल एक कठपुतली की तरह है, जो उनके संकेत पर चलता है। इसमें शिव के डमरू, त्रिशूल, सर्प और श्मशानवासी स्वरूप का भी सुंदर वर्णन किया गया है। भावार्थ इस भजन का मुख्य भाव भगवान शिव की सर्वशक्तिमान सत्ता और उनके प्रति पूर्ण समर्पण को दर्शाना है। भक्त यह स्वीकार करता है कि मनुष्य के हाथ में कुछ भी नहीं है, सब कुछ भगवान की इच्छा पर निर्भर है। भजन में यह भी बताया गया है कि मनुष्य इस संसार में एक यात्री है, जो भगवान की खोज में भटक रहा है और अंततः उसे उन्हीं तक पहुँचना है। शिव के श्मशानवासी रूप के माध्यम से यह संदेश मिलता है कि जीवन और मृत्यु दोनों उनके अधीन हैं।