O Kanjka Jara Hoke Dayaal

ओ कंजका हो के दयाल - O Kanjka Jara Hoke Dayaal
Bhajans

ओ कंजका हो के दयाल - O Kanjka Jara Hoke Dayaal

परिचय “ओ कंजका हो के दयाल” एक भावपूर्ण माता भजन है, जिसमें भक्त कंजक (कन्या स्वरूप) से प्रार्थना करता है कि वह उसे माँ के दर्शन करा दे। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि और कन्या पूजन के समय गाया जाता है। इसमें माता के दरबार तक पहुँचने की तीव्र लालसा व्यक्त की गई है। भावार्थ भजन में भक्त कंजक से विनती करता है कि जैसे वह प्रतिदिन माँ के चरणों में जाती है, वैसे ही उसे भी माँ की आराधना और साधना का मार्ग बता दे। “स्वर्ग जैसे भवनों में ले चल साथ तू” — यह पंक्ति माता के दिव्य धाम की महिमा को दर्शाती है। भक्त स्वीकार करता है कि उसकी सबसे बड़ी इच्छा माँ के दर्शन करना है। पाठ का फल इस भजन को श्रद्धा से गाने से मन में भक्ति और विनम्रता की भावना उत्पन्न होती है। माँ के दर्शन की तीव्र इच्छा और समर्पण भाव जागृत होता है। नवरात्रि में इसका गायन विशेष पुण्यदायी माना जाता है।