नैन तेरे माँ नैना देवी - Nain Tere Maa Naina Devi
परिचय
“नैन तेरे माँ नैना देवी” एक पारंपरिक पहाड़ी देवी भजन है, जिसमें हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध शक्तिपीठों का सुंदर वर्णन किया गया है। इस भजन में माँ को विभिन्न शक्तिरूपों में देखा गया है — नैना देवी, चिंतापूर्णी, ज्वालामुखी और कांगड़ा वाली माता के रूप में। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि, जागरण और माता के कीर्तन में गाया जाता है।
भजन में भक्त माँ के स्वरूप को सम्पूर्ण शक्ति के रूप में वर्णित करता है, जिनका प्रत्येक अंग किसी न किसी शक्तिपीठ से जुड़ा हुआ है।
भावार्थ
इस भजन में माँ दुर्गा के विभिन्न शक्तिपीठों को उनके दिव्य शरीर के अंगों के रूप में दर्शाया गया है।
• आँखें नैना देवी हैं
• चरण चिंतापूर्णी हैं
• धड़ कांगड़ा (ब्रजेश्वरी) है
• ज्योति ज्वालामुखी है
भक्त बताता है कि पांडवों ने माँ का भवन बनाया और अर्जुन ने सेवा की। अंत में भक्त गंगा जल से स्नान, फूलों की माला और जलेबी का भोग अर्पित कर अपनी भक्ति व्यक्त करता है।
यह भजन माँ की सर्वव्यापक शक्ति और उनके विभिन्न धामों की महिमा का गुणगान करता है।