मुझे तेरा सहारा सदा चाहिए - Mujhe Tera Sahara Sada Chayie
परिचय
यह एक अत्यंत मार्मिक और आत्मिक भाव से भरा भजन है, जिसमें भक्त इस नश्वर संसार की अस्थिरता को समझते हुए केवल ईश्वर के सहारे की कामना करता है। इस भजन में जीवन की कठिनाइयों, भ्रम और दुखों के बीच प्रभु की आवश्यकता को बहुत ही सरल और गहरे शब्दों में व्यक्त किया गया है।
भजन की पंक्तियाँ यह स्पष्ट करती हैं कि संसार में सब कुछ अनिश्चित है—खुशियाँ क्षणिक हैं और दुःख अधिक हैं—ऐसे में सच्चा सहारा केवल भगवान ही हैं।
भावार्थ
इस भजन का मुख्य भाव यह है कि संसार का कोई भी सहारा स्थायी नहीं है, इसलिए मनुष्य को केवल भगवान पर ही निर्भर रहना चाहिए। भक्त यह प्रार्थना करता है कि चाहे दुनिया का साथ मिले या न मिले, उसे हमेशा प्रभु का साथ और मार्गदर्शन मिलता रहे।
भजन में यह भी दर्शाया गया है कि जीवन का मार्ग कठिन और लंबा है, जिसमें अनेक बाधाएँ आती हैं। ऐसे में केवल भगवान ही हैं, जो भक्त को सही दिशा दिखा सकते हैं और उसके जीवन में प्रकाश ला सकते हैं।