मन रे कृष्ण नाम कह लीजिये - Man re Krishna Nam Keh Lijiye
परिचय
यह अत्यंत मधुर और ज्ञानमयी भजन भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम के पवित्र नाम-स्मरण की महिमा का वर्णन करता है। इस भजन में मनुष्य को प्रेरणा दी गई है कि वह अपने मन को संसारिक मोह से हटाकर भगवान के नाम जप, सत्संग और भक्ति में लगाए।
भजन में गुरु वचनों का पालन, संतों का संग और श्रीमद्भागवत के श्रवण का महत्व अत्यंत सरल और प्रभावशाली शब्दों में बताया गया है। इसमें भक्तिरस को अमृत समान बताया गया है, जिसे प्रेम और श्रद्धा से ग्रहण करना चाहिए।
यह भजन संत सूरदास जी की भक्ति भावना से ओतप्रोत है और यह संदेश देता है कि भगवान का नाम ही जीवन को सफल और पवित्र बनाने का सबसे सरल मार्ग है।
भावार्थ
इस भजन में मनुष्य को समझाया गया है कि उसे हर समय भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम का नाम स्मरण करना चाहिए। गुरु के वचनों को सत्य मानकर संतों का संग करना और भक्ति ग्रंथों का अध्ययन करना जीवन को पवित्र बनाता है।
भजन यह भी बताता है कि भगवान के नाम का रस अमृत के समान है। जो व्यक्ति प्रेमपूर्वक इस नामरस को ग्रहण करता है, उसका जीवन धन्य हो जाता है।
अंत में संत सूरदास जी कहते हैं कि भगवान की शरण में जाकर और उनके नाम का स्मरण करके मनुष्य अपने जन्म को सफल बना सकता है। यही इस भजन का मुख्य संदेश है।