Jitna Bhi Diya Sarkar Mujhe

जितना भी दिया सरकार मुझे - Jitna Bhi Diya Sarkar Mujhe
Bhajans

जितना भी दिया सरकार मुझे - Jitna Bhi Diya Sarkar Mujhe

परिचय यह अत्यंत भावपूर्ण भजन भगवान के प्रति भक्त की कृतज्ञता, विनम्रता और पूर्ण समर्पण की भावना को व्यक्त करता है। भजन में भक्त स्वीकार करता है कि उसे जीवन में जो कुछ भी प्राप्त हुआ है, वह सब प्रभु की असीम कृपा और दया का परिणाम है। अपनी सीमित क्षमता और छोटी सी औकात का स्मरण करते हुए वह प्रभु के अनगिनत उपकारों के प्रति आभार प्रकट करता है। इस रचना में भक्त और भगवान के मधुर संबंध का सुंदर चित्रण है, जहाँ भक्त स्वयं को प्रभु के हाथों की कठपुतली मानकर उनकी इच्छा को ही अपना जीवन मान लेता है। भजन की प्रत्येक पंक्ति यह संदेश देती है कि ईश्वर की कृपा बिना माँगे भी अपने भक्तों पर बरसती रहती है और उनका जीवन आनंद, प्रेम तथा संतोष से भर देती है। भावार्थ इस भजन का मूल भाव प्रभु के प्रति धन्यवाद और समर्पण है। भक्त कहता है कि उसकी इतनी योग्यता या सामर्थ्य नहीं थी कि उसे जीवन में इतना कुछ प्राप्त हो, लेकिन भगवान की कृपा ने उसकी झोली सदैव भर दी। जब-जब उसने आशा और विश्वास के साथ प्रभु के सामने अपना दामन फैलाया, तब-तब उसे अपेक्षा से अधिक मिला। यह भावना दर्शाती है कि भगवान अपने भक्तों की आवश्यकताओं और भावनाओं को भली-भाँति जानते हैं तथा उचित समय पर उन पर कृपा बरसाते हैं। भजन में भक्त स्वयं को प्रभु की कठपुतली मानते हुए कहता है कि उसका जीवन भगवान की इच्छा के अनुसार ही चल रहा है। वह इस नश्वर संसार में स्वयं को क्षणभंगुर जीव समझता है, फिर भी उसे आश्चर्य होता है कि इतना छोटा और साधारण होने पर भी प्रभु उसे इतना प्रेम प्रदान करते हैं। आगे भक्त संकल्प करता है कि वह अपने प्रेम, श्रद्धा और भक्ति के रूप में अमूल्य मोती प्रभु के चरणों में अर्पित करेगा। अंततः यह भजन सिखाता है कि जीवन में प्राप्त प्रत्येक सुख, अवसर और उपलब्धि को ईश्वर का प्रसाद मानकर कृतज्ञ रहना चाहिए, क्योंकि प्रभु की कृपा ही भक्त का सबसे बड़ा धन और वास्तविक सौभाग्य है।