आज की तिथि

21 जून 2026 • रविवार

सूर्य गति पंचांग

सूर्योदय

05:28 AM

सूर्यास्त

07:17 PM

चंद्रोदय 11:48 AM
चंद्रास्त 12:09 AM
दिन अवधि 13h 49m
अभी का समय 03:30 AM

आज की तिथि

सप्तमी

शुक्ल पक्ष 21 जून 2026 (रविवार)

तिथि समाप्त होने में 11h 50m शेष

आरंभ 03:47 PM
समाप्त 03:21 PM

समय विवरण

तिथि प्रारंभ

20 जून 2026, 03:47 PM

तिथि समाप्त

21 जून 2026, 03:21 PM

तिथि यात्रा

21 जून • 2026 रविवार

🌙 सप्तमी → 🌙 अष्टमी

03:21 PM पर तिथि परिवर्तन

00:00
03:21 PM
24:00
सप्तमी वर्तमान तिथि

दिन की शुरुआत से 03:21 PM तक

अष्टमी

03:21 PM – 03:40 PM (अगला दिन)

आज 21 जून, 2026 रविवार को वर्तमान में शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि चल रही है। यह तिथि दोपहर 03:21 PM तक रहेगी, जिसके बाद अष्टमी तिथि प्रारंभ होगी।

तिथि का क्रम

पिछली तिथि

षष्ठी

19 जून 2026, 05:00 PM

वर्तमान

सप्तमी

20 जून 2026, 03:47 PM
से 21 जून 2026, 03:21 PM

सप्तमी तिथि का महत्व

सप्तमी हिंदू पंचांग की महत्वपूर्ण तिथियों में से एक है। प्रत्येक तिथि का अपना धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सही तिथि जानकर पूजा, व्रत और शुभ कार्य अधिक फलदायी माने जाते हैं।

प्रश्न और उत्तर (FAQ)

आज की तिथि क्या है?

आज 21 जून, 2026 रविवार को सप्तमी (शुक्ल पक्ष) तिथि है।

सप्तमी कब समाप्त होगी?

सप्तमी तिथि 21 जून 2026, 03:21 PM पर समाप्त होगी (भारतीय समय)।

अगली तिथि कौन सी है?

अगली तिथि अष्टमी होगी।

सप्तमी का महत्व क्या है?

सप्तमी हिंदू पंचांग की महत्वपूर्ण तिथियों में से एक है। प्रत्येक तिथि का अपना धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है। सही तिथि जानकर पूजा, व्रत और शुभ कार्य अधिक फलदायी माने जाते हैं।

शुक्ल पक्ष की सप्तमी क्या होती है?

शुक्ल पक्ष की सप्तमी हिंदू पंचांग की महत्वपूर्ण तिथियों में से एक है। प्रत्येक तिथि का अपना धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व होता है।

आने वाली महत्वपूर्ण तिथियाँ

अष्टमी

शुक्ल पक्ष

22 जून, सोमवार

21 जून 2026, 03:21 PM

द्वादशी

शुक्ल पक्ष

26 जून, शुक्रवार

25 जून 2026, 08:09 PM

त्रयोदशी

शुक्ल पक्ष

27 जून, शनिवार

26 जून 2026, 10:22 PM

चतुर्दशी

शुक्ल पक्ष

28 जून, रविवार

28 जून 2026, 12:43 AM

तिथि के प्रकार

कृष्ण पक्ष

पूर्णिमा के बाद अमावस्या तक — चंद्रमा घटता है। इस पक्ष में व्रत, तप और पितृ कार्य का विशेष महत्व माना जाता है।

शुक्ल पक्ष

अमावस्या के बाद पूर्णिमा तक — चंद्रमा बढ़ता है। इस पक्ष में शुभ कार्य, पूजा और नए आरंभ के लिए अनुकूल समय माना जाता है।