ज़रा पास बैठो हे बांके बिहारी - Jara Pass Baitho Hey Banke Bihari
परिचय
यह भजन भगवान श्रीकृष्ण के प्रति भक्त की गहन प्रेम-भावना और दर्शन की तीव्र इच्छा को व्यक्त करता है। इसमें भक्त अपने आराध्य के सौंदर्य और कृपा में पूरी तरह डूब जाना चाहता है।
भावार्थ
भजन में भक्त भगवान से प्रार्थना करता है कि वे उसके पास बैठें ताकि वह उनकी छवि को अपनी आँखों में सदा के लिए बसाकर रख सके। वह उनके रूप, नेत्र और मधुर स्वरूप पर मोहित होकर अपना सर्वस्व अर्पित करने को तैयार है। राधा और मीरा की तरह वह भी उस दिव्य प्रेम में लीन होना चाहता है, जहाँ केवल कृष्ण ही उसके जीवन का आधार बन जाते हैं।