Chandra Kiran Sa Shyam Salona

चन्द्र किरण सा श्याम सलोना - Chandra Kiran Sa Shyam Salona
Bhajans

चन्द्र किरण सा श्याम सलोना - Chandra Kiran Sa Shyam Salona

परिचय यह भजन श्री राधा-कृष्ण की दिव्य रासलीला का सुंदर वर्णन करता है। इसमें बताया गया है कि वृन्दावन में यमुना तट पर भगवान श्रीकृष्ण अपनी मुरली की मधुर धुन पर गोपियों के साथ महारास रचाते हैं। इस दिव्य नृत्य में राधा-कृष्ण और समस्त गोपीजन आनंद और प्रेम में डूबकर नृत्य करते हैं। भावार्थ भजन का भाव यह है कि जब श्रीकृष्ण की मुरली बजती है, तो पूरा ब्रज आनंद और प्रेम में झूम उठता है। स्वयं भगवान शिव भी गोपी का रूप धारण करके इस दिव्य रास में सम्मिलित होते हैं और गोपेश्वर महादेव कहलाते हैं। यह रासलीला केवल नृत्य नहीं, बल्कि परम प्रेम और भक्ति का प्रतीक है, जिसमें भक्त और भगवान का मिलन होता है।