Bhaye Pragat Kripala Lyrics In Hindi

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला -  Bhaye Pragat Kripala Deendayala
Bhajans

भए प्रगट कृपाला दीनदयाला - Bhaye Pragat Kripala Deendayala

परिचय यह पावन छंद भगवान श्रीराम के प्राकट्य का अत्यंत मधुर और भावपूर्ण वर्णन करता है। इसमें प्रभु के दीनदयालु स्वरूप, माता कौसल्या के हर्ष, मुनियों के आनंद तथा बाल-लीलाओं की सुंदर झलक मिलती है। यह रचना भक्त के हृदय में प्रेम, श्रद्धा और भक्ति का संचार करती है। भावार्थ भगवान श्रीराम दीनों पर कृपा करने हेतु कौसल्या माता के घर अवतरित हुए। उनका रूप अत्यंत मनोहर, श्यामल, नेत्रों से करुणा बरसाने वाला और दिव्य आभूषणों से सुशोभित है। वे माया और गुणों से परे हैं, जिनका वेद–पुराण भी पूर्ण वर्णन नहीं कर पाते। माता कौसल्या के अनुरोध पर प्रभु बाल-लीला करते हैं, जिससे समस्त संसार को आनंद प्राप्त होता है। जो भक्त इस चरित्र का गान करता है, वह भवसागर से पार हो जाता है। पाठ का फल इस छंद का श्रद्धा पूर्वक पाठ करने से मन में शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है भय, कष्ट और मानसिक अशांति दूर होती है भक्त को श्रीहरि की कृपा प्राप्त होती है जीवन में धर्म, भक्ति और सद्बुद्धि की वृद्धि होती है अंततः हरिपद की प्राप्ति होती है