अंत समय में श्याम - Ant Samay Mein Shyam
परिचय
यह अत्यंत भावपूर्ण कृष्ण-भक्ति गीत है, जिसमें भक्त अपने जीवन की समस्त भूलों, दुर्बलताओं और सांसारिक मोह-माया को स्वीकार करते हुए भगवान श्रीकृष्ण से अंतिम समय में अपने नाम का स्मरण कराने की प्रार्थना करता है। इस भजन का मुख्य संदेश यह है कि जीवन भर की सच्ची भक्ति और भगवान का नाम ही अंत समय में जीव का वास्तविक सहारा बनता है। भजन में वैराग्य, समर्पण, पश्चाताप और प्रभु-प्रेम का सुंदर संगम देखने को मिलता है।
भावार्थ
इस भजन में भक्त भगवान श्रीकृष्ण के चरणों में पूर्ण समर्पण व्यक्त करता है। वह स्वीकार करता है कि जीवन में उससे अनेक भूलें हुई हैं, फिर भी उसे प्रभु की असीम करुणा पर विश्वास है। संसार की धन-दौलत, शरीर और संबंध सभी नश्वर हैं और अंततः साथ छोड़ जाते हैं, परंतु भगवान का नाम और उनकी कृपा ही जीव के साथ रहती है। भक्त प्रार्थना करता है कि मृत्यु के समय उसकी जिह्वा पर केवल श्रीकृष्ण का नाम हो और स्वयं श्याम उसे अपने धाम ले जाने आएँ। यह भजन भगवान के नाम-स्मरण, प्रेम और शरणागति के महत्व को अत्यंत मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करता है।