ऐसो चटक मटक सो ठाकुर - Aiso Chatak Matak So Thakur
परिचय
यह भजन भगवान श्रीकृष्ण की अनुपम लीलाओं, सौंदर्य और दिव्य महिमा का वर्णन करता है। इसमें बताया गया है कि श्रीकृष्ण का अद्भुत रूप, उनकी चंचल चाल, और उनकी लीलाएँ तीनों लोकों में कहीं भी देखने को नहीं मिलतीं। ब्रज की गोपियाँ, देवता और समस्त संसार उनके इस मोहक स्वरूप और प्रेममयी स्वभाव से मोहित हो जाते हैं।
भावार्थ
इस भजन में श्रीकृष्ण के अद्वितीय स्वरूप और उनके पराक्रम का गुणगान किया गया है। वे कभी माखन चुराने वाले बालक बनकर ब्रज में खेलते हैं, तो कभी कालिया नाग का दमन कर और गोवर्धन पर्वत उठाकर अपने भक्तों की रक्षा करते हैं। ब्रह्मा, शिव और इंद्र जैसे देवता भी उनकी महिमा को स्वीकार करते हैं। यह भजन भक्तों के हृदय में श्रीकृष्ण के प्रति प्रेम, भक्ति और आनंद की भावना को जागृत करता है।