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श्री नरसिंह भगवान आरती - Shree Narasimha Bhagwan Aarti
श्री नरसिंह भगवान की यह आरती भगवान विष्णु के नरसिंह अवतार की महिमा का वर्णन करती है। जब असुर हिरण्यकशिपु ने अत्याचार बढ़ाए और अपने पुत्र प्रह्लाद को भगवान भक्ति से रोकना चाहा, तब भगवान ने आधा-मनुष्य और आधा-सिंह रूप धारण कर भक्त की रक्षा की और अधर्म का नाश किया। यह आरती उसी दिव्य लीला का स्मरण कराती है।

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कैसी ये देर लगाई माँ दुर्गे - Kaisi Ye Der Lagai Maa Durge
यह भजन माँ दुर्गा माता की शरणागति और भक्त की विनम्र प्रार्थना को दर्शाता है। इसमें भक्त अपनी कमजोरी स्वीकार करते हुए माँ से कृपा और सहारे की याचना करता है।

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भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे - Bhor Bhai Din Chad Gaya Meri Ambe
“भोर भई दिन चढ़ गया मेरी अम्बे” एक प्रसिद्ध आरती भजन है, जो माता दुर्गा माता की महिमा और उनकी पूजा का वर्णन करता है। यह भजन प्रातःकालीन आरती और नवरात्रि के दौरान विशेष रूप से गाया जाता है।

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श्री सरस्वती माता आरती - Shree Saraswati Mata Aarti
यह माँ सरस्वती की आरती है। सरस्वती को विद्या, ज्ञान, वाणी और कला की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। वे हंसवाहिनी, वीणावादिनी और श्वेतवस्त्रा रूप में पूजित हैं।

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श्री धनवंतरी जी की आरती - Shri Dhanwantri Ji Ki Aarti
यह भगवान धन्वंतरि की आरती है। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद के देवता तथा भगवान विष्णु का अंशावतार माना जाता है। समुद्र मंथन के समय वे अमृत कलश और औषधियों के ज्ञान के साथ प्रकट हुए।

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श्री गंगा आरती - Shree Ganga Aarti
यह माँ गंगा की आरती है। गंगा को सनातन परंपरा में पतित पावनी तथा मोक्षदायिनी माना गया है। उनका जल पवित्र और जीवनदायी है।

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श्री पार्वती माता की आरती - Shree Parvati Mata Ki Aarti
यह माँ पार्वती की आरती है। पार्वती जी को आदिशक्ति, जगजननी तथा भगवान शिव की अर्धांगिनी माना जाता है। वे सती, दुर्गा और भवानी के रूप में भक्तों का कल्याण करती हैं।

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श्री तुलसी माता आरती - Shree Tulsi Mata Aarti
यह श्री तुलसी माता की आरती है। तुलसी को भगवान विष्णु की अति प्रिय माना गया है। सनातन परंपरा में तुलसी का स्थान अत्यंत पवित्र है तथा प्रत्येक शुभ कार्य में तुलसी का विशेष महत्व है।

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श्री गायत्री माता की आरती - Shree Gayatri Mata Ki Aarti
यह श्री गायत्री माता की आरती है। गायत्री को वेदमाता, आदिशक्ति तथा समस्त सृष्टि की पालनकर्त्री माना गया है। वे ज्ञान, प्रकाश और आध्यात्मिक जागरण की अधिष्ठात्री देवी हैं।

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श्री महाकाली आरती - Shree Mahakali Aarti
यह माँ काली की मंगल आरती है। इसमें माता के उग्र और सौम्य दोनों रूपों का वर्णन है। भक्तजन संकट के समय माता का स्मरण कर उनकी शरण ग्रहण करते हैं।

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ओम जय शिव ओमकारा - Om Jai Shiv Omkara
ॐ जय शिव ओंकारा आरती महादेव के भक्तों के लिए अत्यंत पावन और फलदायी स्तोत्र है। यह आरती भगवान शिव के त्रिगुणात्मक रूप, कैलाशधारी स्वरूप और जगपालक स्वरूप का गौरव गाती है।

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श्री गणेश जी की आरती - Shree Ganesh Ji Ki Aarti
जय गणेश, जय गणेश देवा भगवान श्रीगणेश की अत्यंत प्रसिद्ध और श्रद्धापूर्ण आरती है। इसमें गणेश जी को विघ्नहर्ता, बुद्धि के दाता और भक्तों के कष्ट हरने वाले देवता के रूप में स्मरण किया गया है। किसी भी शुभ कार्य, पूजा या उत्सव की शुरुआत गणेश आरती से करने की परंपरा है, क्योंकि श्रीगणेश सभी बाधाओं को दूर कर सफलता प्रदान करते हैं।

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श्री भगवत भगवान की है आरती - Shri Bhagwat Bhagwan Ki Hai Aarti
श्री भगवत भगवान की यह पावन आरती भक्तों के जीवन से पापों का नाश करती है और मन को शांति प्रदान करती है। यह आरती हरि नाम, हरि धाम और प्रभु की महिमा का सुंदर वर्णन करती है।

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श्री राम चंद्र कृपालु भजमन - Shree Ram Ji Ki Aarti
श्री रामचंद्र जी की आरती मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की पावन महिमा का गान है। इस आरती के श्रद्धापूर्वक पाठ से जीवन में धर्म, सत्य, संयम और कर्तव्य का भाव जागृत होता है। भगवान श्रीराम आदर्श जीवन, त्याग, भक्ति और करुणा के प्रतीक हैं।

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ॐ जय जगदीश हरे आरती - Om Jai Jagdish Hare Aarti
ॐ जय जगदीश हरे आरती - Om Jai Jagdish Hare Aarti

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श्री तुलसी आरती - Shree Tulasi Aarti
नमो नमः तुलसी कृष्ण-प्रेयसी माता तुलसी की महिमा का अत्यंत पावन स्तोत्र है। तुलसी माता भगवान श्रीकृष्ण को अत्यंत प्रिय हैं और उन्हें वैष्णव भक्ति की देवी माना जाता है। इस स्तुति के माध्यम से भक्त राधा-कृष्ण की सेवा, वृंदावन वास और युगल सरकार के दिव्य दर्शन की कामना करता है।

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जय संतोषी माता आरती - Jai Santoshi Mata Aarti
जय संतोषी माता आरती और चालीसा माता संतोषी की करुणा, शांति और समृद्धि देने वाली पावन स्तुति है। इस आरती का श्रद्धा और भक्ति भाव से पाठ करने से जीवन के दुःख, भय और बाधाएँ दूर होती हैं।

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आरती अम्बे तू है जगदम्बे काली - Aarti Ambe Tu Hai Jagdambe Kali
Maa Ambe Ji Ki Aarti

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श्री खाटू श्याम जी की आरती - Shree Shyam Ji Aarti
ॐ जय श्री श्याम हरे खाटू श्याम जी की अत्यंत पावन और भक्तिभाव से परिपूर्ण आरती है। खाटू श्याम जी को हारे का सहारा और कलियुग के अवतारी देवता के रूप में पूजा जाता है। इस आरती के नियमित पाठ से भक्त के जीवन के कष्ट, भय और बाधाएँ दूर होती हैं तथा मनवांछित फल की प्राप्ति होती है।

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आरती कीजे हनुमान लाला की - Aarti Kije Hanuman Lala Ki
आरती हनुमान लला की भगवान श्री हनुमान की शक्ति, भक्ति और संकट निवारण करने वाली पावन आरती है। इस आरती का श्रद्धा और भक्ति भाव से पाठ करने से जीवन के रोग, दुःख और बाधाएँ दूर होती हैं।