ये चोला मां तेरा चोला - Ye Chola Maa Tera Chola
परिचय
“ये चोला मां तेरा चोला” एक लोकप्रिय देवी भक्ति भजन है, जो माँ दुर्गा, माँ वैष्णो देवी और माँ भवानी के दिव्य स्वरूप का गुणगान करता है। इस भजन में भक्त माँ की ज्योति, कृपा, दरबार और भंडारे की महिमा का वर्णन करता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि, जागरण और माता के भंडारे में गाया जाता है।
भजन का भावार्थ
इस भजन में भक्त माँ के तेज की तुलना सोने-चांदी और आकाश के चमकते तारों से करता है। वह कहता है कि संसार में कोई भी ऐसा नहीं चमक सकता जैसा माँ का लशकारा (तेज) चमकता है। “ऊंचे ऊंचे पर्वतों तले, ओ माई तेरी ज्योत जले” पंक्ति से संकेत मिलता है कि माँ की ज्योति हर स्थान पर प्रज्वलित है, विशेषकर पर्वतीय धामों में, जहाँ भक्त श्रद्धा से दर्शन करने जाते हैं। भक्त स्वयं को टूटा हुआ सितारा और बेसहारा बताता है, और स्वीकार करता है कि उसके जीवन का सहारा केवल माँ ही हैं। वह कहता है कि सच्ची अमीरी धन में नहीं, बल्कि माँ की कृपा में है। भजन में यह भी व्यक्त किया गया है कि संसार के सभी तीर्थ पुण्य देने वाले हैं, परन्तु माँ का दरबार सबसे पावन है। माँ को “मेहरा वाली” कहा गया है, अर्थात वह जो दया और कृपा की वर्षा करती हैं।
आध्यात्मिक संदेश
सच्ची संपत्ति माँ की कृपा है।
माँ का दरबार सबके लिए खुला है।
जो भी श्रद्धा से आता है, खाली नहीं लौटता।
निराश और दुखी व्यक्ति को माँ आश्रय देती हैं।
पाठ का फल
इस भजन को श्रद्धा से गाने या सुनने से मन में भक्ति और विश्वास बढ़ता है।
जीवन के कष्टों में मानसिक शक्ति मिलती है।
नकारात्मकता दूर होती है और आत्मविश्वास बढ़ता है।
माँ की कृपा से घर में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है।