अष्टम ज्योतिर्लिंग त्रयंबकेश्वर (महाराष्ट्र): दर्शन समय, कैसे पहुँचें, नियम और पूरी यात्रा
किसी ने एक ऋषि से पूछा, “अगर सब कुछ किस्मत में लिखा जा चुका है तो फिर मंदिरों में जाकर दुआ मांगने से क्या होगा?” ऋषि ने बहुत ही प्यार से जवाब दिया और कहा, “यूं तो सब किस्मत में लिखा हुआ है पर महादेव ने कुछ पन्ने खाली छोड़े हैं और वह उन्हीं चीजों से भरते हैं जिसकी दुआ मनुष्य करता है।”