Shree Vishwanath Mangal Stotram

श्री विश्वनाथ मंगल स्तोत्रम - Shree Vishwanath Mangal Stotram
Bhajans

श्री विश्वनाथ मंगल स्तोत्रम - Shree Vishwanath Mangal Stotram

परिचय यह पावन स्तोत्र भगवान शिव के काशीविश्वनाथ स्वरूप की महिमा का गान करता है। इसमें उन्हें गङ्गाधर, नीलकण्ठ, विश्वेश्वर, गौरीश्वर तथा वृषभवाहन रूप में वंदित किया गया है। यह स्तोत्र काशीपुरी के अधिष्ठाता प्रभु की कृपा प्राप्ति हेतु रचित है। श्रद्धा से इसका पाठ करने पर संकटों का नाश और समस्त मंगल की प्राप्ति बताई गई है। भावार्थ भक्त भगवान विश्वनाथ की शरण ग्रहण कर उनसे दारिद्र्य, दुःख और भय के नाश की प्रार्थना करता है। वे संसाररूपी भार को हरने वाले, करुणामय और शरणागतवत्सल हैं। जो पुरुष श्रद्धापूर्वक इस स्तोत्र का पाठ करता है, उसके विघ्न दूर होते हैं, संपत्ति बढ़ती है, विद्या और यश की प्राप्ति होती है तथा मनोवांछित फल मिलते हैं। पाठ का फल आपदाओं का नाश दारिद्र्य और दुःख से मुक्ति विद्या, यश और विजय की प्राप्ति उत्तम संतति और समृद्धि अंततः मोक्षप्राप्ति