राम का प्यारा हनुमान - Ram Ka Pyara Hanuman
परिचय
यह भजन हनुमान जी की अटूट भक्ति, उनकी सेवा भावना और श्रीराम के प्रति उनके पूर्ण समर्पण का अत्यंत सुंदर वर्णन करता है। इसमें अंजनी पुत्र हनुमान को एक ऐसे आदर्श भक्त के रूप में प्रस्तुत किया गया है, जो दिन-रात अपने प्रभु श्रीराम की सेवा और उनके नाम का जाप करते रहते हैं। भजन उनके पराक्रम, निस्वार्थ सेवा और अडिग विश्वास को भी उजागर करता है, जो उन्हें भक्तों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनाता है।
भावार्थ
इस भजन में हनुमान जी के जीवन के विभिन्न पराक्रमों—जैसे समुद्र लांघना, लंका दहन करना और लक्ष्मण जी के लिए संजीवनी लाना—का उल्लेख करते हुए यह बताया गया है कि उनकी शक्ति का मूल कारण श्रीराम के प्रति उनकी भक्ति और समर्पण है। वे हर सांस में “सियाराम” का नाम लेते हैं और कभी विश्राम नहीं करते। भजन यह संदेश देता है कि सच्ची भक्ति और सेवा से असंभव कार्य भी संभव हो जाते हैं, और जो व्यक्ति प्रभु के नाम में लीन रहता है, वह हर कठिनाई को पार कर सकता है।