मेरे बाँके बिहारी - Mere Banke Bihari
परिचय
यह भजन भगवान श्रीकृष्ण के स्वरूप बाँके बिहारी जी के प्रति प्रेम और समर्पण को व्यक्त करता है। इसमें भक्त अपने मन की भावनाओं को प्रकट करते हुए कहता है कि प्रभु के बिना उसका जीवन अधूरा है और उनकी उपस्थिति से ही जीवन में सच्चा सुख और पूर्णता आती है।
भावार्थ
भजन का भाव यह है कि भक्त अपने तन-मन और जीवन को भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित कर देता है। वह कहता है कि यदि प्रभु साथ हैं तो सब कुछ है, अन्यथा संसार की कोई भी वस्तु सुख नहीं दे सकती। भक्त प्रभु के सुंदर स्वरूप का स्मरण करते हुए उनसे सदा अपनी कृपा दृष्टि बनाए रखने की प्रार्थना करता है।