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पुरुषोत्तम (Purushottam) की जानकारी | Purushottam Maas Start and End date | Adhik Mass 2026
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पुरुषोत्तम (Purushottam) की जानकारी | Purushottam Maas Start and End date | Adhik Mass 2026

पुरुषोत्तम (Purushottam) की जानकारी | Purushottam Maas Start and End date | Adhik Mass 2026 #revivingculture #adhikmaas #purshotam #purushottammaaskikatha #malmass ━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━━ पुरुषोत्तम (Purushottam) का अर्थ "पुरुषों में उत्तम" या "सर्वश्रेष्ठ पुरुष" होता है। यह दो शब्दों से मिलकर बना है: पुरुष (व्यक्ति) + उत्तम (श्रेष्ठ)। यह मुख्य रूप से एक हिंदू नाम और धार्मिक उपाधि है।मुख्य अर्थ और विवरण:भगवान विष्णु और कृष्ण: यह नाम अक्सर भगवान विष्णु या उनके अवतार भगवान श्रीकृष्ण और श्रीराम के लिए एक विशेषण के रूप में प्रयोग किया जाता है।अधिकमास: हिंदू पंचांग (कैलेंडर) के अनुसार, हर तीन साल में आने वाले चंद्र मास (अतिरिक्त महीने) को 'पुरुषोत्तम मास' या 'मलमास' कहा जाता है, जो भगवान विष्णु की पूजा के लिए समर्पित होता है।सामासिक अर्थ: व्याकरण की दृष्टि से यह 'अधिकरण तत्पुरुष' समास है, जिसका अर्थ है—पुरुषों (मनुष्यों) के बीच में जो सबसे उत्तम हो।
कालचक्र का रहस्य: चातुर्मास, अधिकमास (मलमास) और वैदिक समय गणना का श्रीमद्भागवत दृष्टिकोण
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कालचक्र का रहस्य: चातुर्मास, अधिकमास (मलमास) और वैदिक समय गणना का श्रीमद्भागवत दृष्टिकोण

मैत्रेय ऋषि भगवान की महिमा का वर्णन करते हुए कहते हैं कि काल का यह विशाल चक्र, जिसमें तेरह मास, तीन सौ साठ जोड़, छह ऋतुएँ और अनगिनत क्षण-पल समाहित हैं, अत्यन्त तीव्र गति से सम्पूर्ण जगत को काटता हुआ आगे बढ़ता रहता है। यह सभी जीवों की आयु को कम करता है, किन्तु भगवान के शुद्ध भक्तों की आध्यात्मिक स्थिति पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ता।