कृष्ण कृपा हो तभी - Krishna Kripa Ho Tabhi
परिचय
यह भजन भगवान श्रीकृष्ण की कृपा और हरिनाम की महिमा का सुंदर वर्णन करता है। इसमें बताया गया है कि कृष्ण का नाम जप पाना भी स्वयं उनकी कृपा का ही परिणाम है।
भावार्थ
भजन समझाता है कि संसार की चकाचौंध और रिश्ते क्षणिक हैं। जो वास्तव में साथ जाता है, वह केवल भगवान का नाम और उनकी कृपा है। ठाकुर जी के चरणों से जुड़ना ही जीवन की सच्ची संपत्ति है।
पाठ का फल
इस भजन के गायन से मन को शांति, भक्ति और वैराग्य की भावना प्राप्त होती है। हरिनाम जपने से मानसिक शुद्धि और भगवान की विशेष कृपा प्राप्त होती है।