Holi

आज बृज में होली रे रसिया - Aaj Braj Mai Holi Re Rasiya
Bhajans

आज बृज में होली रे रसिया - Aaj Braj Mai Holi Re Rasiya

परिचय यह होली का उल्लासमय ब्रज रसिया पद है, जिसमें ब्रजभूमि में राधा-कृष्ण की रंगभरी होली का सजीव चित्रण किया गया है। इसमें नन्दलाल श्रीकृष्ण और बरसाने की राधा रानी के साथ सखियों के हास्य, उमंग और प्रेम का सुंदर वर्णन है। यह पद विशेष रूप से ब्रज की फाग और लठमार होली की परंपरा को प्रकट करता है। भावार्थ इस पद में ब्रज में होली का अद्भुत दृश्य प्रस्तुत है। सभी गोप-गोपियाँ अपने घरों से निकलकर होली खेलने आती हैं। नन्दगांव के श्रीकृष्ण और बरसाने की राधा रानी आमने-सामने रंगों की बरसात करते हैं। कृष्ण के हाथ में स्वर्ण पिचकारी है और राधा के हाथ में रंगों से भरी कमोरी। अबीर-गुलाल से आकाश लाल हो उठता है और सखियाँ हँसी-ठिठोली में मग्न हो जाती हैं। अंत में सखी कामना करती है कि यह राधा-कृष्ण की दिव्य जोड़ी सदा अटल और अमर रहे।
होली के मस्ती अमोघलीला प्रभु के संग - Holi Ke Masti Amoghlila Prabhu ke Sang
Videos

होली के मस्ती अमोघलीला प्रभु के संग - Holi Ke Masti Amoghlila Prabhu ke Sang

होली प्रेम, आनंद और भक्ति का पर्व है। इस वीडियो में अमोघ लीला प्रभु के साथ होली उत्सव की सुंदर झलक देखने को मिलेगी, जहाँ हरिनाम संकीर्तन, भक्तों का उत्साह और श्रीकृष्ण भक्ति का रंग वातावरण को आनंदमय बना देता है। आइए इस दिव्य होली महोत्सव का आनंद लें और राधा-कृष्ण के प्रेम रस में डूब जाएँ।