हरि नाम नहीं तो जीना क्या - Hari Naam Nahi Toh Jeena Kya
परिचय
यह भजन हरि नाम की महिमा का वर्णन करता है। इसमें बताया गया है कि संसार के सभी भोग, आडंबर और बाहरी आभूषण क्षणभंगुर हैं, जबकि हरि का नाम अमृत के समान है। जो व्यक्ति हरि नाम का स्मरण करता है, उसका जीवन सार्थक हो जाता है।
भावार्थ
भजन का संदेश है कि मनुष्य को हर समय भगवान के नाम का जप करना चाहिए। मृत्यु कब आ जाए यह निश्चित नहीं है, इसलिए जीवन का वास्तविक सार हरि नाम में ही है। तीर्थ, आभूषण और सांसारिक सुख तब तक व्यर्थ हैं जब तक मन और वाणी में भगवान का स्मरण नहीं है।