Durga Maa

तेरे दर को माई छोड़ काहा जाऊ - Tere Dar Ko Mai Chhod Kaha Jau
Bhajans

तेरे दर को माई छोड़ काहा जाऊ - Tere Dar Ko Mai Chhod Kaha Jau

परिचय यह भजन माँ दुर्गा माता के प्रति अटूट श्रद्धा और समर्पण को दर्शाता है, जिसमें भक्त कहता है कि वह संसार की हर चीज़ छोड़ सकता है, लेकिन माँ का दरबार नहीं। भावार्थ इस भजन में भक्त माँ से अपनी गहरी आस्था व्यक्त करता है। वह कहता है कि दुनिया में उसे कोई सहारा नहीं दिखता, इसलिए वह पूरी तरह माँ पर निर्भर है। माँ ही उसके दुखों को सुन सकती हैं और उसे जीवन में मार्ग दिखा सकती हैं।
बिगड़ी मेरी बना दे - Bigdi Meri Bana De
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बिगड़ी मेरी बना दे - Bigdi Meri Bana De

परिचय  “बिगड़ी मेरी बना दे ए शेरों वाली मैया” एक करुणा और विनती से भरा भजन है, जिसमें भक्त माता दुर्गा माता से अपनी बिगड़ी किस्मत सुधारने की प्रार्थना करता है। यह भजन विशेष रूप से नवरात्रि और जगराते में गाया जाता है। भावार्थ  इस भजन में भक्त अपनी गलतियों को स्वीकार करते हुए माता से क्षमा और कृपा की याचना करता है। वह कहता है कि माता हर संकट से उबारने वाली हैं, इसलिए उसे भी अपने चरणों में स्थान देकर उसकी जीवन-नैया पार लगाएं।