Bhajman Radhe Govinda

भज मन राधे  गोविंदा - Bhajman Radhe Govinda
Bhajans

भज मन राधे गोविंदा - Bhajman Radhe Govinda

भजन का परिचय यह भजन “भज मन राधे राधे गोविंदा” ब्रज वैष्णव परंपरा का अत्यंत सरल, मधुर और प्रभावशाली नाम-स्मरण भजन है। इसमें भक्त अपने मन को उपदेश देता है कि वह संसार की चंचलता छोड़कर श्रीराधा और श्रीकृष्ण के पावन नामों का निरंतर स्मरण करे। राधा और गोविंद का संयुक्त नाम जप वैष्णव भक्ति में सर्वोच्च माना गया है। भजन का भावार्थ इस भजन का मूल भाव यह है कि मनुष्य का मन बार-बार विषयों की ओर भटकता है, इसलिए उसे प्रेमपूर्वक समझाया गया है कि वह केवल राधे–राधे गोविंदा का जप करे। राधा नाम के साथ गोविंद का स्मरण यह दर्शाता है कि श्रीकृष्ण तक पहुँचने का सरल और सुलभ मार्ग श्रीराधा की कृपा है। यह भजन भक्त के हृदय में माधुर्य, प्रेम, दीनता और पूर्ण समर्पण का भाव उत्पन्न करता है। निरंतर दोहराव नाम-जप को सहज, गहन और रसपूर्ण बनाता है। यह भजन कब और कहाँ गाया जाता है यह भजन विशेष रूप से वृन्दावन, बरसाना और ब्रज क्षेत्र में नाम-संकीर्तन, राधाष्टमी, जन्माष्टमी, होली और दैनिक साधना के समय गाया जाता है। इस्कॉन मंदिरों, वैष्णव सत्संगों और व्यक्तिगत जप के लिए यह भजन अत्यंत उपयुक्त है।