Arj Karu

अर्ज़ करूँ - Arj Karu
Bhajans

अर्ज़ करूँ - Arj Karu

परिचय  यह भजन एक भक्त के हृदय में अपने प्रिय बाबा के प्रति उमड़ते प्रेम, भावनाओं और दर्शन की तड़प को अत्यंत सुंदर ढंग से व्यक्त करता है। इसमें भक्त अपने मन की उस स्थिति को बताता है, जब भगवान के सामने पहुंचकर वह अपनी प्रार्थनाएं और इच्छाएं तक भूल जाता है। प्रभु के मोहक रूप, मुस्कान और नयनों की छवि में भक्त इतना खो जाता है कि उसके पास शब्द ही नहीं बचते। यह भजन भक्ति के उस मधुर भाव को दर्शाता है, जहां केवल भगवान के दर्शन ही सबसे बड़ा सुख बन जाते हैं। भावार्थ  इस भजन के माध्यम से भक्त यह कहता है कि जब उसे अपने बाबा के दर्शन का अवसर मिलता है, तब वह यह समझ नहीं पाता कि भगवान को निहारे या अपनी मन की बातें कहे। भगवान की सुंदर छवि और प्रेमभरी मुस्कान उसके मन को पूरी तरह मोह लेती है। भक्त के हृदय में अनेक भावनाएं होती हैं, लेकिन प्रभु के सामने पहुंचकर वह सब कुछ भूल जाता है और केवल उन्हें निहारता रह जाता है। भजन यह भी दर्शाता है कि भगवान का प्रेम इतना आकर्षक और मधुर होता है कि भक्त का मन बार-बार उनके दर्शन के लिए व्याकुल रहता है। वह चाहता है कि समय रुक जाए और वह बस प्रभु के रूप में खोया रहे। यह भजन सिखाता है कि सच्ची भक्ति में भगवान के दर्शन ही सबसे बड़ा धन और सबसे बड़ा सुख होते हैं।