ज़रा देर ठहरो राम तमन्ना यही है - Zara Der Thahro Ram Tamanna Yahi Hai
परिचय
यह अत्यंत मार्मिक भक्ति पद भगवान श्रीराम के वनगमन के प्रसंग से प्रेरित है। इसमें अयोध्या के लोगों का करुण भाव प्रकट होता है, जब वे श्रीराम को वन जाते हुए देखकर उनसे विनती करते हैं कि वे कुछ समय और ठहर जाएँ। इस पद में प्रभु के प्रति प्रेम, विरह और भक्ति की गहन अनुभूति व्यक्त होती है।
भावार्थ
इस पद में अयोध्या के निवासियों का हृदयविदारक भाव चित्रित है। जब श्रीराम वनवास के लिए अयोध्या छोड़ने लगते हैं, तब नगरवासी उनसे प्रार्थना करते हैं कि वे कुछ समय और रुक जाएँ, क्योंकि उन्होंने अभी तक उन्हें जी भरकर देखा ही नहीं है।
लोग स्मरण करते हैं कि श्रीराम माता कौशल्या के प्रिय पुत्र और राजा दशरथ के दुलारे हैं। उनके जाने से अयोध्या सूनी हो जाएगी। अंत में भक्त कहता है कि अब समय हो गया है, फिर भी हृदय उन्हें जाने देने को तैयार नहीं है। यह पद प्रभु के प्रति प्रेम और विरह की गहन भावना को दर्शाता है।