Teri Mand Mand Muskaniya Pe

तेरी मंद मंद मुस्कानिया पे बलिहार साँवरे - Teri Mand Mand Muskaniya Pe
Bhajans

तेरी मंद मंद मुस्कानिया पे बलिहार साँवरे - Teri Mand Mand Muskaniya Pe

परिचय यह मधुर भक्ति भजन भगवान श्रीकृष्ण के सौन्दर्य और उनकी मनमोहक छवि का वर्णन करता है। इसमें भक्त श्रीकृष्ण की मंद मुस्कान, घुँघराले बाल, मोर मुकुट, मधुर चाल और तिरछी चितवन पर मोहित होकर बार-बार उन पर बलिहार जाने का भाव प्रकट करता है। भावार्थ इस भजन में भक्त श्रीकृष्ण के दिव्य रूप का रसपूर्ण वर्णन करता है। उनकी मधुर मुस्कान, घुँघराले काले बाल, सिर पर सजे मोर मुकुट और पैरों की पायल की झंकार भक्त के मन को मोहित कर देती है। भक्त कहता है कि श्रीकृष्ण के साथ राधा रानी की युगल छवि अत्यंत मनोहर है और उस सुंदर दृश्य पर वह स्वयं को न्योछावर कर देना चाहता है। यह भजन भगवान के रूप-माधुर्य की भक्ति को प्रकट करता है।