Sankat Haraegi Karegi Bhali Vrishbhanu Ki Lali

संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली - Sankat haraegi Karegi bhali Vrishbhanu ki lali
Bhajans

संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली - Sankat haraegi Karegi bhali Vrishbhanu ki lali

परिचय “संकट हरैगी करैगी भली वृषभानु की लली” एक अत्यंत भावपूर्ण श्रीराधा जी का भजन है। इसमें भक्त राधारानी को वृषभानु की लली कहकर पुकारता है और उनसे अपने संकट दूर करने की प्रार्थना करता है। यह भजन विशेष रूप से राधाष्टमी, सत्संग और ब्रज क्षेत्र के कीर्तन में गाया जाता है। भावार्थ इस भजन में भक्त राधारानी की महिमा का वर्णन करते हुए कहता है कि वे सभी संकटों को हरने वाली हैं। वह स्वयं को दीन-दुखी बताकर उनकी शरण में आने की प्रार्थना करता है। राधारानी को कृष्ण की प्रिय, बरसाने की रानी और त्रिभुवन को वश में करने वाली शक्ति के रूप में दर्शाया गया है। उनका नाम स्मरण करने मात्र से जगत की बाधाएँ दूर हो जाती हैं।