जोई जोई प्यारो करे - Joi Joi Pyaro Kare
परिचय
यह भजन राधा-कृष्ण के दिव्य प्रेम और मधुर मिलन का वर्णन करता है। इसमें भक्त अपने प्रियतम के प्रति गहरे स्नेह, आकर्षण और पूर्ण समर्पण को प्रकट करता है।
भावार्थ
भजन में भक्त कहता है कि उसे अपने प्रिय का प्रेम ही सबसे अधिक प्रिय है। वह उनके नयन में ही अपना संपूर्ण संसार देखता है। अपने तन, मन और प्राण सब कुछ वह अपने प्रीतम को अर्पित कर देता है और उसी में अपना जीवन धन्य मानता है।